हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद के घोटाले में नया खुलासा हुआ है कि इस करोड़ों के घोटाले को छिपाने के लिए ही एक्सिस बैंक में करीब 15 खाते खोले गए। इससे यह पता न लग सके कि किस अकाउंट में राशि आई और किस में गई। इतना ही नहीं इन खातों में नप के विकास कार्यों के लिए आई मोटी राशि ट्रांसफर करने के नाम पर भी कमीशन खाया गया। नप अधिकारियों और पदाधिकारियों ने कमीशन खाया।
इतना ही नहीं इस घोटाले के लिए बैंक अधिकारियों से गिफ्ट के रूप में महंगे फोन भी लिए। मामले में जल्द ही बड़े नाम सामने आ सकते हैं। वहीं, पुलिस ने बुधवार को पकड़े दोनों आरोपियों नितिन और अरुण को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपियों ने 6.22 करोड़ रुपये सात फर्मों में ट्रांसफर किए जाने की बात कुबूली है, जिसके बदले 12-12 लाख रुपये कमीशन मिला।
नगर परिषद में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच पुलिस विभाग की इकनॉमिक सेल कर रही है और पुलिस अधीक्षक स्वयं इस पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस मामले में अब तक बैंक मैनेजर नितेश समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक पानीपत की फर्म संचालक कपिल, व्यापारी विनोद के दो रिश्तेदार चिड़िपाल गली निवासी नितिन और चरखी दादरी निवासी अरुण शामिल हैं।
पुलिस ने नितिन और अरुण को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से चार दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान उनसे खातों में ट्रांसफर हुई राशि के बारे में ही पूछताछ की जाएगी।
मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि करोड़ों की राशि फर्मों में ट्रांसफर कर किए घोटाले को छिपाने के लिए कई खाते खोलने का फॉर्मूला अपनाया। मतलब पहले नगर परिषद के तीन से चार खाते होते थे। इनमें एक-दो एक्सिस बैंक में और एक-दो एक अन्य बैंक में।
घोटाले के खेल को छिपाने के लिए एक्सिस बैंक में ही 12-13 खाते खोल दिए गए, ताकि पता ही नहीं लगे कि किस बैंक खाते में कितनी राशि है और कितनी ट्रांसफर हुई। इतना ही नहीं नप अधिकारियों-पदाधिकारियों ने सिर्फ एक्सिस बैंक के खातों में ही नप के विकास कार्यों की राशि ट्रांसफर किए जाने के नाम पर कमीशन का खेल भी खूब खेला।
सूत्र बताते है कि प्रति एक करोड़ रुपये ट्रांसफर के बदले 20 से 25 हजार रुपये कमीशन दिया गया। एक्सिस बैंक के खातों में करोड़ों का ट्रांजेक्शन बढ़ा तो बैंक अधिकारियों ने कर्मचारियों को भी इसके लिए इंसेंटिव दिया। सूत्र बताते हैं कि बैंक अधिकारियों ने नप अधिकारियों को बड़ी राशि की ट्रांजेक्शन के लिए महंगे मोबाइल व अन्य गिफ्ट भी दिए हैं। अब खुलासे होने के बाद इन अधिकारियों और पदाधिकारियों में बेचैनी बनी हुई है।
सात फर्जी फर्मों के खातों में ट्रांसफर किए 6.22 करोड़ रुपये
गांधी नगर दादरी निवासी आरोपी अरुण और चिड़िपाल गली बिचला बाजार निवासी नितिन ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि उनके माध्यम से अब तक कुल सात फर्जी फर्म के खातों में नगर परिषद के खाते से करीब 6 करोड़ 22 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी नितिन व अरुण को कुल ट्रांसफर हुई राशि का कमीशन के तौर पर करीब 12-12 लाख रुपये मिले थे। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहनता से पूछताछ जारी है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी आरोपियों पर हो कड़ी कार्रवाई
पुलिस को भिवानी के नागरिकों को ये भरोसा दिलाना चाहिए कि नगर परिषद घोटाले के मुख्य आरोपी चाहे कितने भी ताकतवर लोग क्यों ना हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमारी मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द मुख्य आरोपियों नप अधिकारियों व पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करे, ताकि सारा खुलासा हो सके। सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। - सुशील वर्मा, संयोजक, भिवानी बचाओ आंदोलन
नितिन और अरुण ने 12-12 लाख रुपये कमीशन की बात कुबूली
मामले की जांच की जा रही है। बुधवार को गिरफ्तार किए गए नितिन और अरुण को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है, जिन्होंने सात फर्मों में 6.22 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने और 12-12 लाख रुपये कमीशन मिलने की बात कही है। मामले में जो भी आरोपी होंगे उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। - एसआई सतपाल, इंचार्ज इकनॉमिक सेल।