भिवानी। डाडम में खनन के दौरान पहाड़ दरकने के मामले में लापरवाही की परतें खुलती जा रही हैं। मलबा साफ हो गया है, लेकिन कई सवाल अब भी सुलग रहे हैं। अब तक जितने भी अधिकारी जांच के लिए आए हैं, सभी ने माना है कि यहां पर लापरवाही बरती गई है। सभी ने कहा कि खनन के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया है।
यही कारण है कि इतना बड़ा हादसा हुआ और पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिला प्रशासन की जांच में यह बात कितनी साफ हो पाती है इस बारे में तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, मगर यह साफ है कि डाडम में सब ठीक नहीं है। वहीं बुधवार को डाडम पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी डाडम खनन क्षेत्र को मौत का कुआं बताया है।
बता दें कि नया साल पहली किरण के साथ ही जिले को बड़ा घाव दे गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी और जिला प्रशासन की मदद से युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाकर चार दिन में मलबा साफ कर दिया गया। यह हादसा कई सुलगते सवाल भी छोड़ गया है। बुधवार को जांच के लिए पहुंचे खनन सुरक्षा विभाग के उप महानिदेशक सतीश दिगंबर चिदरवार ने भी कहा कि अगर सब सही तरीके से होता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। यहां कई लापरवाहियां बरती गई हैं। इसके अलावा इससे पहले विभाग के निदेशक और उपनिदेशक ने भी यहां पर खनन के तरीकों पर सवाल उठाए थे।
हादसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया
बचाव कार्य पूरा होने के बाद खान सुरक्षा विभाग के उप महानिदेशक सतीश दिगंबर चिदरवार ने बुुधवार को डाडम में हादसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। इस मौके पर विभाग के निदेशक रामअवतार मीणा और उपनिदेशक एके दास भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और वहां काम करने वाले मजदूरों के साथ बातचीत की।
निदेशक और उपनिदेशक ने भी जताई थी आशंका
शुरुआत में विभाग के उपनिदेशक एके दास और उसके बाद निदेशक रामअवतार मीणा ने डाडम का दौरा किया था। प्राथमिक तौर पर देखने के बाद ही दोनों अधिकारियों ने कहा था कि खनन के दौरान नियमों के पालन में चूक हुई है। बैंच नहीं बनाए गए। अगर सही तरीके से खनन के नियमों का पालन किया जाता तो यह हादसा नहीं होता।
अब सर्वे टीम पहुंचेंगी जांच करने
हादसे की जांच के लिए अब गाजियाबाद से खान सुरक्षा विभाग की सर्वे टीम डाडम पहुंचेगी। टीम देखेंगी कि खनन के दौरान किन-किन नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसके अलावा अब यह भी देखा जाएगा कि वर्तमान में पहाड़ की हालत कैसी है। सुरक्षा के लिहाज से क्या उसमें आगे खनन किया जाना चाहिए या नहीं। टीम अपनी जांच की रिपोर्ट गाजियाबाद स्थित मुख्यालय में भेजेंगी। (संवाद)
ये लापरवाहियां आईं सामने
- डाडम में खनन के दौरान बैंच नहीं बनाए गए, 90 डिग्री पर पहाड़ को काटा गया है।
- पहाड़ में दरार आई हुई हैं, जिनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद उनके नीचे से रास्ते बनाए गए हैं।
- हादसे वाले स्थान पर मौजूद लोगों का रिकॉर्ड प्रशासन को उपलब्ध नहीं करा पाए।
- प्रशासन ने लंबी जांच प्रक्रिया के बाद मलबे में फंसे लोगों का आकलन लगाया।
सुलगते सवाल
- खान अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर पहले क्यों नहीं कार्रवाई की? 90 डिग्री पर पहाड़ को काटा गया फिर भी लंबे समय तक मूकदर्शक क्यों बने रहे अधिकारी?
- करोड़ों रुपये के राजस्व के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
- क्या खान में काम करने वाले मजदूरों को पूरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्योंकि अभी तक साफ नहीं कि मृतकों के पास सुरक्षा उपकरण थे या नहीं।
- खान में काम करने वाले मजदूरों और वाहनों का रिकॉर्ड क्यों नहीं रखा गया?
- शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके भाई से जबरदस्ती खान में काम करवाया जा रहा था। इसकी शिकायत पहले की गई थी तो कार्रवाई क्यों नहीं?
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लापरवाही बरती गई है
खनन के दौरान निश्चित रूप से लापरवाही बरती गई है। अगर सब सही तरीके से किया जाता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। अब विभाग की सर्वे टीम जांच करेगी। जांच के दौरान सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। जांच के बाद ही सही स्थिति का पता चल पाएगा।
- सतीश दिगंबर चिरदवार, उप महानिदेशक, खान सुरक्षा विभाग।