भिवानी। फैक्टरी की 35 लाख की देनदारी मांगी तो पहले देख लेने की धमकी देता रहा और फिर नगर परिषद घोटाले में झूठा फंसा दिया। हमारा नगर परिषद घोटाले या उससे जुड़े लोगों से कोई लेनादेना नहीं है। पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल पर ये आरोप नप घोटाले के आरोपी व्यापारी विनोद की पत्नी ललिता ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में लगाए हैं।
ललिता देवी ने शिकायत में बताया कि उसके पति विनोद की हांसी गेट पर कॉस्मेटिक की दुकान है और पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल उनके घर के सामने ही रहता है। जनवरी 2020 में सुदर्शन जिंदल ने उसके पति के साथ मिलकर अनमोल नॉन वूवन फैब्रिक फैक्टरी लगाई थी। यह फैक्टरी उसके और सुदर्शन जिंदल की पत्नी संगीता के नाम थी। फैक्टरी लगाने के बाद सुदर्शन जिंदल की नीयत खराब हो गई और उसने हिसाब देना बंद कर दिया। इस कारण फैक्टरी बंद करनी पड़ी। हिसाब किया तो सुदर्शन जिंदल की तरफ 35 लाख रुपये की देनदारी निकली। रुपये मांगने पर वह टालता रहा। इस बारे में पंचायत भी हुई मगर वह समय निकालता रहा। लॉकडाउन में हमारी स्थिति ज्यादा खराब हो गई। जून-जुलाई 2021 में जब उसके पति ने सुदर्शन जिंदल से रुपये मांगे तो वह झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगा। वह मेरे बेटे और देवर को भी धमकी देने लगा। बाद में उसने कुछ पुलिसकर्मियों से मिलकर नगर परिषद घोटाले में उसके पति का भी झूठा नाम दर्ज करवा दिया, जबकि नगर परिषद घोटाले से उनका कोई लेनादेना नहीं है। न ही फर्जी पेमेंट वालों में उनका कोई रिश्तेदार या अन्य कोई जानकार है।
आरोप झूठे
आरोप झूठे हैं। मेरी तरफ कोई देनदारी नहीं है बल्कि मैं ही अनमोल फर्म से 10 लाख रुपये मांगता हूं। इसके सुबूत भी मेरे पास हैं। आरोपी विनोद ने पकड़े गए ललित व गुलशन को भी मेरा झूठा नाम लेने के लिए कहा है। विनोद अपने बच्चों के साथ फिलहाल हरिद्वार में घूम रहा है।
- सुदर्शन जिंदल, पूर्व पार्षद।