बवानीखेड़ा। कस्बा निवासी एक महिला ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज के प्रताड़ित करने की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसका विवाह 2020 में भिवानी में किया था। उसके परिजनों ने अपनी हैसियत से ज्यादा विवाह में खर्च करते हुए बुलेट बाइक, सोने-चांदी के आभूषण, फर्नीचर सहित अन्य कीमती सामान दिए थे। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग करने लगे।
पीड़िता ने बताया कि उसके सास-ससुर ने हैसियत के अनुसार दहेज न लाने पर उनकी समाज में नाक कटवाने की बात कही। सास ने उसे बुरी तरह से पीटा और कमरे में बंद करके भूखा प्यासा रखा। उसे लगा की वह गर्भवती है तो उसने अपने पति व सास को बताया तो उन्होंने कहा कि उन्हें बच्चा नहीं चाहिए। पति व ननद ने कहा जब तू नौकरी लग जाएगी तब बच्चा पैदा कर लेना अभी इस बच्चे का गर्भपात करवा ले। ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ रहने पर गर्भपात करवाने की शर्त रखी और जबरदस्ती निजी अस्पताल में लेकर गए और अल्ट्रासाउंड के बाद चिकित्सकों ने गर्भपात करने से मना कर दिया।
उसके बाद सास, ससुर, ननद ने मानसिक रूप से परेशान करते हुए कहा कि यदि बच्चा चाहिए तो अपने मायके चली जा और वहीं बच्चा पैदा कर लेना। उसके बाद उसे अन्य निजी अस्पताल में ले जाकर जबरन दवाई दिलवाकर गर्भपात करवाकर मायके छोड़ गए। उसके बाद मेरा पति लेने नहीं आया।
पीड़िता ने बताया कि उसका भाई जनवरी 2021 में उसे ससुराल छोड़कर आया ताकि उसका घर बस सके। लेकिन मेरी सास व मामा ससुर ने नाजायज तंग करके परेशान करना शुरू कर दिया। पति को बताने पर उसने कहा कि यहां रहना है तो सब सहना होगा। पीड़िता ने मामा ससुर पर भी ससुराल पक्ष में घर आकर सभी को भड़काने व बुरा व्यवहार करने का आरोप लगाया व पति, सास, ससुर, ननद ने मेरे भाई से अपने हिस्से की आधी जमीन के पैसे लाकर देने व दहेज की मांग पूरी करने की बात कही। ससुराल पक्ष वालों ने मेरा मंगलसूत्र व सोने की अंगूठी उतरवा लिए और मेरे भाई को फोन कर दिया कि इसे ले जाओ।
मेरे पति ने भी कहा कि मेरे लिए करवा चौथ व्रत रखने की जरूरत नहीं है। पीड़िता की माने तो उसने ससुराल पक्ष के हाथ जोड़े, पैर पकड़े। लेकिन उन्होंने धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया और कहा कि वे मेरी शक्ल तक देखना नहीं चाहते। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी सुनीता ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।