भिवानी। कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। इस कहावत को चरितार्थ किया है गांव बामला की बेटी निशा ग्रेवाल ने। उसने मात्र 23 साल की उम्र में पहली बार में ही यूपीएससी की परीक्षा को पास किया है। न केवल पास किया है, बल्कि बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 51वीं रैंक हासिल की है। मगर यहां तक का सफर आसान नहीं था। ग्रामीण परिवेश और सुविधाओं के अभाव के बावजूद दिन-रात इस सफलता के लिए मेहनत की है। निशा ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने दादा रामफल को दिया है। वे सेवानिवृत्त गणित अध्यापक हैं। निशा को उनके दादा शुरू से ही एक कक्षा आगे की पढ़ाई कराते थे।
आज से 19 साल पहले जब निशा स्कूल जाने के काबिल हुई थी, तब से ही उसकी ट्रेनिंग शुरू हो गई थी। निशा के दादा रामफल गणित के अध्यापक थे और उन्होंने बचपन से ही निशा को तैयार करना शुरू कर दिया था। गणित के अलावा अन्य विषयों की पढ़ाई भी वे निशा को कराते थे। इससे पढ़ाई उसकी दिनचर्या में शामिल हो गई। निशा के पिता सुरेंद्र ग्रेवाल बिजली विभाग में सहायक सब स्टेशन इंचार्ज हैं। उनकी तैनाती औद्योगिक क्षेत्र में है। माता प्रोमिला गृहिणी हैं।
एक साथ दो कक्षाओं की पढ़ाई करती थी निशा
दादा रामफल निशा को सफल करने के लिए इतने कृत्त संकल्प थे कि वे उसे हर साल एक कक्षा आगे की पढ़ाई भी पढ़ाते थे। एक ही साल में दो कक्षाओं की पढ़ाई करने का नतीजा यह रहा कि निशा के समझने का दायरा विस्तृत हो गया। उन्हें कोई भी विषय पढ़ाया जाता तो तुरंत उस पर अपनी पकड़ बना लेती थीं। निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांड हाउस महिला महाविद्यालय से वर्ष 2019 में बीए की थी।
महिला सशक्तीकरण पर काम करने की इच्छा
निशा ने कहा कि दो साल पहले परिवार से ही भाई विक्रम ग्रेवाल ने भी यूपीएससी में 51वीं रैंक हासिल की थी। वह फिलहाल आईएफएस हैं। मगर मैं आईएएस बनकर महिला सशक्तीकरण पर काम करना चाहूंगी। उन्होंने कहा कि अगर परिवार ने उन्हें सपोर्ट नहीं किया होता तो आज इस मुकाम पर नहीं पहुंच पातीं। इसलिए लड़कियों को आगे लाना बहुत जरूरी है।
दादा बोले - आज मेरी मेहनत सफल हुई
दादा रामफल ने कहा कि बचपन से निशा की तैयारी शुरू की थी। उसने मेहनत भी बहुत की। बस एक ही डर रहता था कि अगर सफल नहीं हुई तो उसकी मेहतन जाया चली जाएगी। मगर आज यूपीएससी परीक्षा पास कर उसने साबित कर दिया कि मेरी मेहनत बेकार नहीं गई।
जरूरत हो तो ट्यूशन भी लें
निशा ने कहा कि अगर तैयारी करते समय लगता है कि कोई विषय कमजोर है तो उससे हिचक नहीं होनी चाहिए। बेहिचक होकर उस विषय का ट्यूशन लगवा लेना चाहिए। गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता है। इसलिए जब भी लगे कि कहीं भी ट्यूशन की जरूरत है तो ले लेना चाहिए। निशा ने बताया कि उसने 2019 में ग्रेजुएशन किया था। उसके बाद कुछ समय ट्यूशन लिया और उसके बाद घर पर ही तैयारी की थी।
दुष्यंत चौटाला ने किया फोन : उज्ज्वल भविष्य की कामना
निशा ग्रेवाल की उपलब्धि के बारे में जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को पता चला तो उन्होंने फोन कर निशा ग्रेवाल को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के सर्कल महाप्रबंधक रणबीर सिंह, सिटी डिविजन के कार्यकारी अभियंता राहुल सांगवान, कर्मचारी नेता धर्मबीर भाटी, भाजपा नेता रितिक वधवा ने भी निशा ग्रेवाल की उपलब्धि पर खुशी जताई और उनको बधाई दी है।
(संवाद)
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ फोन पर बात करतीं निशा ग्रेवाल, साथ में परिवार के सद- फोटो : Bhiwani