मंदिर के पुजारियों और सरपंच के बीच विवाद चल रहा है। गांव देवसर के सरपंच की शिकायत पर एसडीएम ने मामले की जांच की थी। 10 अक्तूबर को प्रशासन ने मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने के आदेश दिए थे।
हरियाणा के भिवानी के गांव देवसर के प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर की व्यवस्था संभालने को लेकर चल रहे विवाद के बीच पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने सेशन कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर मंदिर का प्रबंधन उपायुक्त (डीसी) को सौंप दिया गया है।
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गांव देवसर में करीब सात सौ साल पुराना दुर्गा देवी मंदिर है। गांव देवसर के सरपंच संजय देवसरिया ने मंदिर के पुजारियों पर चंदे का हिसाब किताब नहीं रखने और नवरात्र के दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित करने पर श्रद्धालुओं से पैसे लेने का आरोप लगाया था। मंदिर में हर साल चढ़ावे में कीमती आभूषण भी आते हैं, जिनका कोई हिसाब किताब नहीं रखा जाता है।
गांव के दो पुजारी परिवार ही चंदे की राशि बांटते हैं, जबकि गांव के विकास पर इस राशि का कोई पैसा खर्च नहीं होता। इसी मामले की शिकायत सरपंच संजय देवसरिया ने भिवानी एसडीएम को की थी। देवसर माता मंदिर में एसडीएम कोर्ट के फैसले के बाद तहसीलदार, बीडीपीओ और अकाउंटेंट को जिम्मेदारी सौंपी गई। 10 अक्तूबर को मंदिर में प्रशासन ने रिसीवर नियुक्त कर दिया।
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प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ मंदिर के कंवरपाल सहित अन्य पुजारी सेशन कोर्ट में चले गए। सेशन कोर्ट ने प्रशासन के रिसीवर नियुक्त करने के आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद मंदिर पुजारियों को सुपुर्द कर दिया गया। इस मामले में फिर गांव देवसर के सरपंच संजय देवसरिया ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने एक दिसंबर को मामले की सुनवाई के दौरान सेशन कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद फिर से इस मंदिर पर प्रशासन रिसीवर नियुक्त करेगा।