भिवानी। कई महीनों से नगर परिषद चुनाव में भाग्य आजमाने वाले भावी उम्मीदवारों के दिल की धड़कनें अब और भी तेज हो गई हैं। 24 अप्रैल को चुनाव की तारीख तय हो गई है। अब नई शहर सरकार चुनने के लिए 60 दिन बाकी हैं। इस बार नगर परिषद की मुखिया महिला होगी। करीब डेढ़ लाख मतदाता प्रधान को सीधे चुनाव से चुनेंगे।
भिवानी नप चेयरपर्सन की कुर्सी की दौड़ में हर तरफ होड़ मची है, लेकिन ढाई लाख की आबादी और 31 वार्डों के शहर में करीब डेढ़ लाख वोटर हैं। पार्टी के चुनावी चिह्न पर लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार भी अपने आकाओं के यहां हाजिरी लगा रहे हैं। भिवानी नगर परिषद में पिछली योजना के मुकाबले कोई नया वार्ड नहीं बढ़ा है, लेकिन पिछली वार्डबंदी के मुकाबले नई वार्डबंदी में आरक्षित वार्डों का समीकरण जरूर बिगड़ गया है। जिसके बाद नए समीकरण बने हैं, जिसमें कई दिग्गज पार्षदों की चुनावी जमीन भी खिसक गई है। उन्हें अब नप में अपना वजूद बनाए रखने के लिए नए वार्डों में वोटरों का मन जीतना होगा।
अब तक चार महिलाएं बन चुकी हैं चेयरपर्सन
भिवानी नगर परिषद चुनाव के लिए 24 अप्रैल निश्चित हो गई है। भिवानी नगर परिषद में अब तक चार महिलाएं नप चेयरपर्सन बन चुकी हैं, जबकि पांचवीं बार महिला ही नप प्रधान की कुर्सी पर बैठेगी। नई वार्डबंदी के बाद भिवानी नप में 33 फीसदी महिलाओं की भी मिनी सरकार में सीधी हिस्सेदारी होगी। इसी वजह से दिग्गज पार्षद भी अब परिवार की महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर चुके हैं। ये महिलाएं अपनी राजनीतिक विरासत और रसूख का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी, जबकि कई नए चेहरे भी इनको कड़ी टक्कर देंगे।
ये रह चुकी हैं नप चेयरपर्सन
भिवानी नगर परिषद में एडवोकेट पूनम सांगवान पहली बार नप चेयरपर्सन बनी थीं। इसके बाद पतास कौर 16 अक्तूबर 2002 से 30 नवंबर 2002 तक चेयरपर्सन रहीं। मंजू रानी दो दिसंबर 2002 से 28 अगस्त 2005 तक चेयरपर्सन रहीं। सेवा देवी 19 अगस्त 2008 से 27 अगस्त 2010 तक चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठीं। इस बार भिवानी नगर परिषद चेयरपर्सन महिला आरक्षित है।
पिछली योजना में ऐसी थी आरक्षित वार्डों की स्थिति
वार्ड एक और वार्ड दो सामान्य वर्ग, वार्ड तीन महिला के लिए आरक्षित, वार्ड चार और वार्ड पांच सामान्य वर्ग, वार्ड छह और वार्ड सात महिला आरक्षित, वार्ड आठ सामान्य वर्ग, वार्ड नौ, वार्ड 10, 11, 12 सामान्य वर्ग महिला आरक्षित, वार्ड 13, 14 व 15 अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित, वार्ड 16 पिछड़ा वर्ग आरक्षित, वार्ड 17 महिला वर्ग आरक्षित, वार्ड 18 सामान्य वर्ग, वार्ड 19 महिला आरक्षित, वार्ड 20 व 21 अनुसूचित वर्ग आरक्षित, वार्ड 22 सामान्य वर्ग, वार्ड 23 अनुसूचित वर्ग आरक्षित, वार्ड 24 व वार्ड 25 सामान्य वर्ग, वार्ड 26 पिछड़ा वर्ग आरक्षित, वार्ड 27, 28, 29, 30, 31 सामान्य वर्ग आरक्षित थे।
नई वार्डबंदी के बाद आरक्षित वार्डों की स्थिति
शहर में 31 वार्ड हैं। इनमें नई वार्डबंदी के बाद आरक्षित वार्डों की स्थिति भी पिछले आरक्षित वार्डों के मुकाबले बदल गई है। नई वार्डबंदी के अनुसार वार्ड एक, दो, चार, वार्ड पांच, वार्ड सात, वार्ड 11, वार्ड 17, वार्ड 20, वार्ड 22, वार्ड 26, वार्ड 27, वार्ड 28, वार्ड 29, वार्ड 30 व वार्ड 31 सामान्य वर्ग के लिए होगा, जबकि वार्ड तीन एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। वार्ड छह, वार्ड आठ, वार्ड नौ, वार्ड 10, वार्ड 12, वार्ड 15, वार्ड 18, वार्ड 21 व वार्ड 24 सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हैं। वार्ड तीन, वार्ड 13 एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। वार्ड 14, वार्ड 19, वार्ड व वार्ड 23 एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। वार्ड 16 व वार्ड 25 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
ये गूंजेंगे विकास के मुद्दे, इन समस्याओं का नहीं मिला समाधान
शहर में नई सरकार के सामने नई चुनौतियां भी होंगी। इनमें कई विकास के मुद्दे शामिल हैं। जिसमें बाहरी इलाकों में नई सड़कें, सीवर और पानी की व्यवस्था कराना। इसी के साथ साफ सफाई भी बड़ा मुद्दा है। अवैध कब्जे भी चुनावी एजेंडे में गूंजेंगे, जबकि संबंधित सरकारी विभागों की जनसमस्याएं चुनावी एजेंडे में उम्मीदवारों को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे। नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर भी चुनावों को मुद्दा बनाया जाएगा। शहर का दायरा बढ़ा है, मगर जनसुविधाएं नहीं बढ़ीं। इस मसले को अमर उजाला ने भी अभियान के माध्यम से काफी प्रमुखता से उठाया था। (संवाद)
विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट के आधार पर तैयार होगी सूची
नगर परिषद चुनाव की तारीख तय हो गई है। भिवानी विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट के आधार पर मतदाता सूची तैयार होगी। जिसे जनवरी में अपडेट किया जा चुका है। इसे शहरी वार्डों में बांटा जाएगा। जिसके बाद उसका प्रकाशन होगा और दावे एवं आपत्ति मांगे जाएंगे। इसके बाद ही उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
-महेश कुमार, एसडीएम एवं प्रशासक नगर परिषद भिवानी।