भिवानी। उम्र महज दस साल और उससे जबरन 20 भैंसों का काम कराया जा रहा था। बच्चे को कभी खाना नहीं देते तो काम बिगड़ जाने पर मार भी पड़ती थी। एक बार तो उससे पानी का भारी भरकम कैंपर सिर से गिरकर टूट गया, इस पर भी उसे बुरी तरह मार पड़ी। हरा चारा काटने और फिर पशुओं को डालने का काम भी उसी के जिम्मे था। आरोपी बच्चे से सुबह पांच बजे उठकर रात 11 बजे तक जीतोड़ मेहनत कराते रहे। यह खुलासा जिला बाल कल्याण समिति की काउंसिलिंग में पीड़ित बच्चे ने खुद बयां किया। इसी कड़ी में बवानीखेडा़ थाने में इस मामले की ई-मेल से शिकायत भेजी गई है।
दरअसल, बवानी खेड़ा क्षेत्र के गांव सुखपुरा से राज्य अपराध शाखा की टीम ने रेस्क्यू कर ओडिसा मूल के दस साल के बच्चे को छह मई को बरामद किया था। इस बच्चे की मां की मौत हो चुकी थी, जबकि पिता काफी अर्से से गायब थे। मामला मानव तस्करी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पीड़ित के बयान में सामने आया कि बेसहारा बच्चा मुंढाल निवासी चरण सिंह के खेतों में बने 20 भैंसों के बाड़े में जबरन काम पर लगा दिया गया।
बच्चे से पशुओं को चराते समय एक कटड़ी गुम हो गई थी, इस पर भी उसे बुरी तरह से पीटा गया, जिसके बाद आरोपियों के चंगुल से आजाद होकर बच्चा बवानीखेड़ा सुखपुरा मार्ग पर पहुंचा, जहां एक व्यक्ति की मदद से रात गांव के ही मंदिर में जमीन पर सोकर गुजारी। बाद में मामले की सूचना बवानीखेड़ा पुलिस को दी गई। बवानीखेड़ा पुलिस ने राज्य अपराध शाखा की टीम को सूचना दी। राज्य अपराध शाखा की टीम ने बच्चे का रेस्क्यू किया और फिर उसकी गुमशुदगी की रपट थाने में दर्ज कराई और फिर जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष ले गई, जहां दस वर्षीय बच्चे की काउंसिलिंग कराई गई। काउंसिलिंग के दौरान बच्चे ने अपने साथ हुई बर्बरता की व्यथा सुनाई।
जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य सत्येंद्र कुमार ने बताया कि ओडिसा मूल के दस वर्षीय बच्चे की काउंसिलिंग कराकर बयान दर्ज किए हैं। बच्चे ने मुंढाल निवासी चरण सिंह, उसकी पत्नी उर्मिला व चरण सिंह के भाई रमेश पर जबरन भैंसों के बाड़े व मकान निर्माण के दौरान चिनाई का काम कराने और उसके साथ कई बार मारपीट किए जाने के आरोप लगाए हैं। बच्चे का एक पैर की हड्डी भी मारपीट के दौरान तोड़ी गई है, जबकि उसके पैर व माथे पर भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं। उन्होंने बताया कि बच्चा काफी डरा हुआ है। फिलहाल दस वर्षीय बच्चे को बाल सेवा आश्रम में छोड़ा गया है, जबकि उसके बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। मामला मानव तस्करी से भी जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि बच्चे का पिता लापता है, जबकि मां की मौत हो चुकी है। उसकी एक बहन ओडिसा में बताई जा रही है। प्रशासन परिजनों से भी संपर्क करने का प्रयास कर रहा है।