भिवानी। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर जालसाजों ने सरकार के समानांतर फर्जी वेबसाइट के जरिये आमजन को अपना शिकार बनाते थे। फर्जी नियुक्ति और सरकारी योजनाओं के नाम पर अब तक 55 लोगों से तीन करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है।
पुलिस जालसाजों का काला चिट्ठा खोलने के लिए पुलिस अब इस गिरोह में मध्यस्थता की भूमिका निभाने वालों की तलाश में जुटी है। ठगी का धंधा चलाने के लिए जालसाजों ने भिवानी, जींद और यमुनानगर में भी कार्यालय खोले थे। इन केंद्रों से प्रदेश में पूरा नेटवर्क काम करता था।
साइबर क्राइम पुलिस थाना भिवानी के प्रबंधक उपनिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जाटू लोहारी निवासी नीरज ने पुलिस को एक शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि शगुन हरियाणा हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर काउंसिल में नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों ने सात लाख रुपये लिए थे। इसके बाद, आरोपियों द्वारा उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र दिए थे। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को पानीपत से गिरफ्तार किया गया था। इसमें आरोपी बलजीत व रितु निवासी बडेसरा भिवानी शामिल थे।
पुलिस ने तीसरे आरोपी संजय कुमार, निवासी सिरसाना जिला हिसार, बलकार निवासी जींद व गुलशन निवासी चंडीगढ़ को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी बलजीत, संजय व रितु को न्यायालय में पेश तीनों मुख्य आरोपियों को जेल में भेज दिया हैं। दो आरोपी अभी भी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। इनके जरिये पुलिस अब इस गिरोह में मध्यस्थता की भूमिका निभाने वालों की तलाश में जुटी है। इस गिरोह के गुर्गे प्रदेश के अन्य जिलों से भी मध्यस्थता कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था।
ऐसे करता था गिरोह काम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हरियाणा में गिरोह बनाकर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से हरियाणा व केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की जाती थी। ठगी के लिए शगुन ग्रामीण हेल्थ व फैमिली वेलफेयर काउंसिल के नाम से फर्म बनाई। इसकी वेबसाइट बनाकर हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में इस फर्म का प्रचार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया गया था।
इसके लिए आरोपियों ने मध्यस्थता करने वालों के माध्यम से कुछ लोगों का लाखों रुपये लेकर फॉर्म भरवा कर फिर पेपर लेकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व पहचान पत्र दिया जाता था। अलग-अलग पदों पर नियुक्ति दी जाती थी।
फिर उन्हें अलग-अलग गांव में भेजकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लड़की सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना व प्रधानमंत्री शादी शगुन योजना के नाम पर आम लोगों से इन योजनाओं के लाभ दिलाने के नाम पर उनकी पर्ची काटने के लिए कहा था।