भिवानी। जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान गोल्डन कार्ड के 140768 परिवारों के 459375 लाभार्थी हैं, जिसमें से 250000 यानी 54.4 फीसदी लाभार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। कॉमन सर्विस सेंटर पर सरकार के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। गोल्डन कार्ड के लाभार्थियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए नागरिक अस्पताल के आयुष भवन में शिविर लगाया गया है। जहां रोजाना औसतन 80 से 100 पात्रों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पताल के अलावा 26 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया है। इसमें लाभार्थी को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल होना जरूरी है। जिले में 16 नवंबर से आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनने शुरू किए थे। कार्ड बनवाने के लिए पीपीपी साथ लेकर जानी अनिवार्य है, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य की बायोमेट्रिक मशीन पर अंगुठे व उंगलियां के निशान दर्ज हो रहे हैं। जिले में 580 सीएससी सेंटरों को यूजर आईडी पासवर्ड दिया हुआ है।
ये रहेंगी उपचार की प्रक्रिया
आयुष्मान गोल्डन कार्ड के पात्रों को लाभ तभी मिलेगा जब वे अस्पताल में दाखिल होंगे। इसके लिए मरीज को अस्पताल में दाखिल होने के अपना गोल्डन कार्ड अस्पताल के स्टाफ को दिखाना होगा, जिसमें उनके कार्ड का ऑनलाइन रिकॉर्ड जांचा जाएगा। इसके बाद मरीज का उपचार पांच लाख रुपये तक निशुल्क किया जाएगा। हालांकि निजी अस्पताल को सरकार की ओर से यह राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
किन-किन बीमारियों को किया है शामिल
आयुष्मान योजना के तहत नागरिकों की सुविधा के लिए अस्पतालों को पैकेज बांटे गए हैं। योजना में लाभार्थियों के लिए कुल 1370 ट्रीटमेंट पैकेज रिजर्व हैं। इनमें कार्डियोलोजी, कैंसर, यूरोलॉजी, सर्जिकल ऑनकोलॉजी, मेंटल डिसऑर्डर, रेडिएशन ऑनकोलॉजी आदि अन्य बड़ी बीमारियों को शामिल किया है। इन 1370 ट्रीटमेंट पैकेज का लाभ सिर्फ अस्पताल में एडमिट मरीज को ही मिलेगा।
आय कम करवाने के लिए सीएससी पहुंच रहे नागरिक
आयुष्मान भारत योजना के तहत उन्हीं परिवारों को शामिल किया है, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। परिवार पहचान पत्र में कई मामले ऐसे सामने आए हैं जिनमें कम आय होने के बावजूद उन परिवारों की अधिक आय कर दी है। ऐसे में अब कॉमन सर्विस सेंटरों पर आय कम करवाने के लिए नागरिक पहुंच रहे हैं। इसके लिए एक पीपीपी पर 50 रुपये लिए जा रहे हैं।
आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिन भी लाभार्थियों का सूची में नाम है वे सीएचसी में जाकर अपना कार्ड बनवा लें, ताकि योजना का लाभ मिल सकें। आशा वर्कर को सूची दी गई है जहां से लाभार्थी अपना नाम देख सकते हैं। गोल्डन कार्ड के लाभार्थी नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य की जांच करवा सकते हैं। ताकि कोई बीमारी होने पर उपचार समय पर हो सकें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।