भिवानी। फसल विविधिकरण के तहत किसानों की आय बढ़ाने व पारंपरिक खेती छोड़कर बागवानी की फसलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न फसलों पर विशेष अनुदान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में किसानों को मशरूम प्रोडक्शन व कंपोस्ट यूनिट लगाने पर 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा जिले में नेट हाउस/पोली हाउस के लिए 364218 स्क्वायर मीटर का लक्ष्य रखा गया है।
डीसी नरेश नरवाल ने बताया कि बागवानी विभाग की ओर से अमरूद, किन्नू के बाग लगाने के साथ-साथ मशरूम के गुणकारी लाभों के चलते बाजार में इसकी मांग में भी निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। किसानों में मशरूम की खेती की सही जानकारी के अभाव में यह बाजार में अधिक मात्रा में उपलब्ध नहीं होती है, जबकि बाजार में इसकी मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. देवीलाल ने मशरूम के बारे में बताया कि जिले में उद्यान विभाग हरियाणा की ओर से विभागीय स्कीम के तहत मशरूम कंपोस्ट व एक मशरूम प्रोडक्शन यूनिट लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया है। दोनों यूनिट की अधिकतम यूनिट कोस्ट 20 लाख निर्धारित की गई है। इसमें 40 प्रतिशत राशि अनुदान स्वरूप दी जाएगी। इसके साथ ही जिला में हाइड्रोपोनिक के लिए 3450 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर यूनिट कोस्ट रखी गई है व इसके लिए 35 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी।