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नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 40 तो स्वास्थ्य केंद्रों पर 65 फीसदी पद रिक्त, कैसे मिले बेहतर इलाज

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चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। सरकारी अस्पतालों को खुद इलाज की दरकार है। हालात ये है कि नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 40 फीसदी तो ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर 65 फीसदी पद रिक्त हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर रोज इलाज के लिए आने वाले 3000 से अधिक मरीजों केेे कैसा इलाज मिल रहा होगा। विशेषज्ञों की कमी के कारण नागरिक अस्पताल तो रेफरल केंद्र बनकर रह गया है। चाहे आंख, नाक, कान हो या सिर में चोट, मरीज का सीधे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया जाता है।
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जिला केंद्र पर स्थापित नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके कारण मरीज पीजीआई या फिर निजी अस्पतालों में धक्के खा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में ईएनटी, हृदय रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, गेस्ट्रोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, मनोचिकित्सक के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। वहीं जिलेभर में 6 सीएचसी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएचसी में चिकित्सकों के 37 स्वीकृत पद है, जिसमें से 24 पदों पर चिकित्सक तैनात है, वहीं 13 पद रिक्त हैं। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 22 पीएचसी केंद्र है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों के 47 पद स्वीकृत किए हैं, उनमें से 34 पदों पर चिकित्सक तैनात है, बाकी के 13 पद रिक्त हैं। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में 66 चिकित्सकों के पद है, जिनमें से 27 पदों पर चिकित्सक तैनात हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की अन्य इकाईयों के लिए 39 पद स्वीकृत है, जिनमें मात्र 20 पदों पर चिकित्सक हैं। ऐसे में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि कैसा होगा।
रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे अस्पताल
जिले के नागरिक अस्पताल सहित पीएचसी और सीएचसी को मिलकर रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते है। इनमें नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 1300 से 1500 मरीज, जबकि जिले की सीएचसी और पीएचसी में रोजाना 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें उचित उपचार सुविधाएं नहीं मिल पाती। इसकी वजह से उन्हें बिना उपचार करवाएं ही लौटना पड़ता है या फिर उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक और निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहे हैं। निजी अस्पतालों में 200 से लेकर 500 रुपये ओपीडी स्लिप का चार्ज है। इसके अलावा दवा और अन्य जांच की खर्च अलग रहता है।
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कोरोना के दौरान बिगड़े थे हालत
बेकाबू हुई कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग को आयुर्वेदिक चिकित्सकों और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के शोधार्थियों का सहयोग लेना पड़ा था। बावजूद इससे कोई सबक नहीं लिया और सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की नियुक्ति की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसा नहीं है कि आमजन को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि कहीं-कहीं तो एक डॉक्टर के कंधों पर कई-कई गांवों के इलाज का जिम्मा हैं। ग्रामीण क्षेत्र से मरीज बेहतर उपचार की आस के साथ कई किमी का सफर तय कर जिला अस्पताल पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें यहां भी कई बार बिना इलाज कराए लौटना पड़ता है या फिर निजी अस्पताल की शरण लेनी पड़ती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों की जानकारी:
पद कुल कार्यरत रिक्त
डिप्टी सीएमओ 08 02 06
एसएमओ 08 03 05
एमओ 66 27 39
स्टाफ नर्स 143 73 70
डेंटल सर्जन 33 22 11
नर्सिंग सिस्टर 16 08 08
एलटी 47 20 27
पीएचएन 05 03 02
सहायक 27 14 13
स्टेनो 12 10 02
क्लर्क 35 34 01
कॉमन क्लर्क 10 06 04
ड्राइवर 15 11 04
एमपीएचडब्ल्यू फीमेल 151 119 31
एमपीएचडब्ल्यू मेल 142 141 01
एमपीएचएस फीमेल 29 21 03
एमपीएचएस मेल 30 29 01
जिले की सीएचसी में चिकित्सकों की स्थिति:
अस्पताल स्वीकृत पद चिकित्सक रिक्त पद
सीएचसी मानेहरू 05 05 00
सीएचसी कैरू 05 02 03
सीएचसी धनाना 04 04 00
सीएचसी मीरान 04 02 02
सीएचसी लोहारू 08 06 02
सीएचसी तोशाम 11 05 06
जिले की पीएचसी में चिकित्सकों की स्थिति
अस्पताल स्वीकृत पद चिकित्सक रिक्त पद
पीएचसी जमालपुर 07 02 05
पीएचसी बामला 02 02 00
पीएचसी खरक कलां 02 01 00
पीएचसी नंदगांव 02 01 01
पीएचसी दिनोद 02 02 00
पीएचसी जूई 02 00 02
पीएचसी ढाणी माहूं 02 01 00
पीएचसी तालू 02 02 00
पीएचसी अलखपुरा 02 02 00
पीएचसी सूई 02 01 01
पीएचसी चांग 02 02 00
पीएचसी बडवा 02 01 01
पीएचसी गुरेरा 02 02 00
पीएचसी लीलस 02 02 00
पीएचसी झुप्पा कलां 02 01 01
पीएचसी सोहसरा 02 02 00
पीएचसी बहल 02 02 00
पीएचसी नकीपुर 02 02 00
पीएचसी ढिगावा 02 02 00
पीएचसी बिरण 02 02 00
पीएचसी संडवा 02 00 02
पीएचसी बुसान 02 01 01
स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की स्थिति:
अस्पताल स्वीकृत पद चिकित्सक रिक्त पद
एसडीएच बवानीखेड़ा 11 06 05
एसडीएच सिवानी 11 05 06
पीपीसी भिवानी 02 01 01
केएल जालान अस्पताल 04 01 03
जिला जेल भिवानी 02 01 01
जिला टीबी सेंटर 02 02 00
आरवीसी भिवानी 01 01 00
मोबाइल डिस्पेंसरी 01 01 00
एसडीएच देवराला 02 01 00
सिविल अस्पताल हुडा 01 01 00
जिला जेल सहित अन्य सात केंद्रों में एक ही चिकित्सक
जिला कारावास में करीब 800 बंदी है, जिनके चेकअप के लिए सिर्फ एक ही चिकित्सक तैनात है। आए दिन जिला कारावास की पुलिस 10 से 15 बंदियों को जांच के लिए अस्पताल के आपातकालीन विभाग व ओपीडी में लेकर आते हैं। इसके अलावा पीपीसी भिवानी, केएल जालान अस्पताल, जिला जेल भिवानी, आरवीसी भिवानी, मोबाइल डिस्पेंसरी, सिविल अस्पताल हुडा सेक्टर में केवल एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहे है।
अस्पताल में कई रोगों के चिकित्सक नहीं है। इसके लिए निदेशालय को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। अब एक भर्ती प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है इसमें जिले को अच्छी संख्या में चिकित्सक मिलेंगे, जिससे मरीजों को समय पर व अच्छा उपचार मिल सकेगा।
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- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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