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भिवानी में तला व अधपका भोजन खाने से हुई 20 गायों की मौत

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भिवानी गोशाला में बनाए गए विशेष उपचार कक्ष में अस्वस्थ गाय के साथ गोशाला पदाधिकारी व चिकित्सकों - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर तला व कच्चा पका भोजन खाने से शहर में 20 गायों ने दम तोड़ दिया। वहीं, 46 गायों की जिंदगी श्रीगोशाला ट्रस्ट भिवानी में समय पर उपचार मिलने से बच गई। पशु पालन विभाग के उप निदेशक ने पशु चिकित्सकों की चौबीस घंटे के लिए स्पेशल टीम का गठन किया था। इस टीम में शामिल चिकित्सकों ने गंभीर गोवंश को उपचार दिया और उनकी जान बचाने की हर संभव कोशिश की।
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गंभीर हालत में पहुंची गायों को गो रक्षा दल के सदस्यों ने अपनी चार एंबुलेंस के जरिये महम रोड स्थित श्री गोशाला ट्रस्ट भिवानी में बनाए गए आपात कालीन केंद्र तक पहुंचाया। जहां पर पशु चिकित्सकों की टीम ने गंभीर गायों को उपचार दिया। पशु चिकित्सक डॉ. मोहनलाल ने बताया कि अमावस्या पर तला हुआ भोजन खाने से इलाज के दौरान 8 गायों की मौत हो गई। जिन्हें नहीं बचाया जा सका। इसी तरह बाहर 12 गायों की मौत की सूचना प्राप्त हुई है। इसी तरह श्रीगोशाला ट्रस्ट भिवानी में 46 गाय व गोवंश उपचाराधीन हैं, जिनका इलाज अभी चल रहा है। डॉ. मोहनलाल ने बताया कि श्रीगोशाला ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल अग्रवाल, विजय कुमार गोयल, कमल प्रसाद अग्रवाल द्वारा अमावस्या पर गोवंश के उपचार के लिए जरूरी इंतजाम कराए थे, इन्हीं की बदौलत 46 गायों को गंभीर हालत में होने के बावजूद उन्हें बचाना संभव हो पाया।
इन चिकित्सकों ने बचाई गायों की जान
पशु पालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतप्रकाश वर्मा ने गायों को समय पर उपचार दिलाने के लिए पशु चिकित्सकों की चौबीस घंटे के लिए स्पेशल टीम गठित की थी। जिसमें पशु चिकित्सक डॉ. मोहनलाल, डॉ. सुनील बुंदेला, डॉ. नरेश कनोजिया, डॉ. प्रदीप अग्रवाल, डॉ. सोनू वर्मा, डॉ. सुनील राज के अलावा स्टाफ सदस्य शामिल थे।
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शास्त्रों में गाय को मिला है माता का दर्जा : मोहनलाल अग्रवाल
श्रीगोशाला ट्रस्ट भिवानी के प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि शास्त्रों में गाय को माता दर्जा मिला है। उसके अंदर सहस्र देवताओं का वास बताया गया है। पितृ पक्ष की अमावस्या पर तला व कच्चा पका भोजन नहीं खिलाने के लिए प्रशासन ने लोगों को जागरूक भी किया था। इसके बावजूद भी 20 गायों की जिंदगी नहीं बच पाई। 46 गाय अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं, जिनका पशु चिकित्सक पूरी निष्ठा से इलाज कर रहे हैं। भिवानी गोशाला ट्रस्ट प्रबंध समिति के सभी पदाधिकारी गाय माता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर हैं।
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