भिवानी। प्रदेश सरकार एक फरवरी से स्कूल खोलने की तैयारी में है। जिले में 19753 किशोरों को अभी भी वैक्सीन नहीं लगी है और शिक्षा विभाग ने वैक्सीन नहीं लगवाने वाले स्कूली बच्चों को भी प्रवेश का निर्णय लिया है। यह निर्णय भले ही उनके शिक्षा के लिए सही है मगर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी है। साथ ही अन्य बच्चों को भी खतरा रहेगा। जिसे लेकर शिक्षक, बच्चों के अभिभावक भी चिंतित है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते सरकार ने एक जनवरी को प्रदेश के सभी स्कूल बंद कर दिए थे। साथ ही सरकार ने शिक्षा विभाग और अभिभावकों को 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों को टीकाकरण करवाने का आह्वान किया था। अब विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल में जाने की अनुमति दी है। हालांकि सरकार का दावा था कि वैक्सीनेशन के बाद किशोर कोरोना से सुरक्षा है, इसलिए स्कूल खोले जाएंगे। मगर जिला शिक्षा विभाग की बात करें तो अधिकारियों का कहना है कि बिना वैक्सीनेशन किए हुए विद्यार्थियों को भी स्कूल में प्रवेश से वंचित नहीं रखा जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों में संशय है कि अगर बिना वैक्सीन ही स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है तो वैक्सीनेशन अनिवार्य क्यों।
जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 60 हजार किशोरों को टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया था, इनमें से अब तक 40247 को टीकाकरण हो चुका है। जिले में 19753 किशोर टीके से वंचित हैं। ऐसे में अब शिक्षा अधिकारियों के अनुसार बिना टीके वाले विद्यार्थियों को भी प्रवेश मिलेगा।
जबरन नहीं बुला सकते स्कूल
निदेशालय द्वारा जारी पत्र में कोई भी स्कूल विद्यार्थियों को जबरन स्कूल में जाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। जो विद्यार्थी किन्हीं कारणों से अगर स्कूल नहीं आ रहेे तो स्कूल प्रशासन उसे उपस्थिति के लिए बाध्य नहीं कर सकता। साथ ही पहली से नौवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के स्कूल आगामी निर्देशों तक बंद करेंगे।
इन नियमों का करना होगा पालन
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल प्रशासन को पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने होंगे। अगर विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर कोई स्कूल लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। स्कूल में प्रत्येक विद्यार्थी के स्वास्थ्य की जांच, उचित रूप से सेनिटाइजेशन, उचित सामुदायिक दूरी, विद्यार्थी का तापमान जांच, कोरोना लक्षण की पहचान और अभिभावकों द्वारा जारी किया अनुमति पत्र जांचने के बाद ही विद्यार्थियों का स्कूल में प्रवेश होगा।
ऑनलाइन ऑप्शन भी रहेगा जारी
स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई का ऑप्शन भी जारी रहेगा। इसके चलते हर घर में मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टैब के माध्यम से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी करते है। सरकार ने भले ही एक फरवरी से तीन कक्षाओं के स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं फिर भी ऑनलाइन पढ़ाई का ऑप्शन बरकरार रहेगा। विद्यार्थी घर बैठे पढ़ाई कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते एक माह से लिए स्कूल बंद कर दिए थे। अब निदेशालय ने 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोलने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों का पालन करते हुए स्कूल मुखियाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं। विद्यार्थियों को वैक्सीनेशन करवाना जरूरी है मगर बिना वैक्सीनेशन करवाए हुए विद्यार्थी को स्कूल में इंट्री नहीं देने की कोई सूचना नहीं है। ऐसे में उन्हें भी प्रवेश दिया जाएगा।
- अजीत सिंह श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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