पुलिस ने मृतकों के सिर नहीं मिलने पर मृतकों की पहचान पुख्ता करने के लिए मृतक महिला का डीएनए टेस्ट भी कराया। जिससे साफ हुआ कि महिला आसाम के ही एक परिवार की सदस्या थी। अब पुलिस राजेश का भी डीएनए करवाएगी।
यूं पकड़ में आया बदमाश
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राजेश अपने साथियों से मिलने बावड़ी गेट स्थित गोदाम में मिलने आ रहा है। जिसके बाद पुलिस अलर्ट हुई और प्लॉट के आसपास के अलावा रोहतक रोड पर भी डेरा डाला।
राजेश निनान के गांव निर्माणाधीन बाइपास पर एक सवारी वाहन से उतरा और पैदल ही इस मार्ग पर चलने लगा। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि अब तक उसने भिवानी में संपर्क ही नहीं किया। जिस कारण वह बचा रहा।
आइडेंटिफाइड क्राइम योजना में भी शामिल किया मामला
एसपी गंगाराम पुनिया ने खुलासा कि कि ट्रिपल मर्डर केस में इनामी बदमाश राजेश को आइडेंटिफाइड क्राइम योजना में भी शामिल किया गया है। जिसमें जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला न्यायवादी व जेल सुपरिडेंट सदस्य के तौर पर काम करते हैं। इन सदस्यों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि ट्रायल के दौरान ही अनुसंधान में जुटाए गए ठोस तथ्य वैज्ञानिक पहलुओं पर आधारित हों और अनुसंधान के दौरान उसे मजबूती से रखा जा सके, ताकि आरोपी को न्यायालय में कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
राजेश हत्याकांड में मुख्य आरोपी था। पुलिस महानिदेशक ने दो लाख रुपये इनाम भी रखा। अब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बदमाश राजेश को पकड़ लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उससे सिरों के बारे में पूछताछ की जाएगी। इनाम सूचना देने वाले को दिया जाएगा।
गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक