हरियाणा में खुले में पड़ा गेहूं
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डीएफएससी मनीषा ने बताया कि सेक्टर-3 से अगले 10 दिन में गेहूं के बोरे उठवा लिए जाएंगे। वहीं हैफेड के डीएम कृपालदास अरोड़ा ने बताया कि एफसीआई की डिमांड पर हैफेड ने अतिरिक्त 5 लाख गेहूं के बोरे खरीदे थे। एफसीआई जब भी गेहूं की डिमांड करेगी। तभी हैफेड की ओर से गेहूं के बोरों को उठवा दिया जाएगा।
भिवानी: आसमान के नीचे नौ लाख 26 हजार क्विंटल गेहूं
जिले की विभिन्न अनाजमंडी में नौ लाख 26 हजार क्विंटल गेहूं आसमान के नीचे रखा है। हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वेयर हाउस का दावा है कि उनके पास गेहूं के बचाव के लिए तिरपाल है। गेहूं खुले में होने का मुख्य कारण है कि गोदामों में अभी तक सरसों भरा हुई है और गेहूं रखने के लिए जगह ही नहीं है।
खुले में रखे गेहूं में सात लाख 48 हजार क्विंटल गेहूं भिवानी की चारामंडी, 98 हजार क्विंटल गेहूं बहल अनाजमंडी और 80 हजार क्विंटल गेहूं बवानीखेड़ा अनाजमंडी में रखा है।
करनाल: डीएफएससी को पता ही नहीं कितना गेहूं खुले में है रखा
हैफेड का सवा दो लाख एमटी गेहूं खुले में रखा और पांच लाख एमटी गोदाम में रखा हुआ है। वहीं डीएफएससी के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। डीएफएससी अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि अभी वह सभी गोदामों से डाटा कलेक्ट कर रहे हैं।
जिले भर में फिलहाल 13 लाख गेहूं के बैग अभी खुले में रखे हुए हैं। जिन्हें तिरपाल से कवर किया गया है। इसमें फूड एंड सप्लाई के छह लाख, हैफेड के चार लाख तथा एचडब्ल्यूसी के तीन लाख बैग शामिल हैं। हैफेड को 80 हजार बैग के लिए रोड मूवमेंट मिल गया है। जिन्हें ट्रकों के माध्यम से अजमेर और जयपुर के नवई भेजने का कार्य शुरू हो गया है।
अंबाला: 60 फीसदी गेहूं खुले में
अंबाला में 60 फीसदी गेहूं खुले में रखा हुआ है। डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि गोदामों में चावल का स्टॉकेज होने के चलते गेहूं को बाहर रखना पड़ रहा है। एफसीआई व हैफेड एजेंसियां खुले में पड़े गेहूं पहले लिफ्ट करती हैं।
फतेहाबाद: 7 स्थानों पर गेहूं खुले में है रखा हुआ
चार विभागों के 7 स्थानों पर करीब एक लाख मीट्रिक टन गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। हैफेड अधिकारी बताते हैं कि उनके गोदाम में 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं लगा हुआ है। बीघड़ रोड पर लक्ष्मीनारायण के पलिंथ में हैफेड की 128 टैग बोरी रखी हुई है, इसकी संख्या 3.60 लाख बनती है।
यमुनानगर: मंडियों में खुले में पड़ा एक लाख मीट्रिक टन
इस बार सीजन में डीएफएससी, हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस तीन खरीद एजेंसियों ने तीन लाख 75 हजार 615 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। इसमें कुल 40 हजार मीट्रिक टन का उठान हो चुका है, जबकि तीन लाख 35 हजार 615 मीट्रिक टन मंडियों में रखा हुआ है। जो गेहूं मंडियों में रखा है उसमें से करीब एक लाख मीट्रिक टन खुले में है, जबकि बाकी का शेड के नीचे है।
खुले आसमान में पड़ा गेहूं
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अधिकारियों का कहना है कि गोदाम में चावल भरा पड़ा है इसलिए इन्हें बाहर रखना पड़ रहा है। डीएफएससी सुरेंद्र धोलरा का कहना है कि मंडियों में पड़े गेहूं के बचाव के लिए बड़ी तिरपाल है। उन्होंने कहा कि कई बार गेहूं को हवा लगाने के लिए उसे खुला छोड़ दिया जाता है।
जींद: पांच लाख क्विंटल गेहूं रखा है खुले में
जिले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास आठ लाख क्विंटल गेहूं है। हैफेड का चार लाख और वेयर हाउस का पांच लाख क्विंटल गेहूं खुले में रखा गया है। बारिश होने पर नुकसान हो सकता है। डीएफएससी राजेश कुमार ने कहा कि खुले में रखे गेहूं के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है।
कैथल: खुले में पड़े गेहूं की सुरक्षा का जिम्मा चौकीदारों पर
जिले में इस समय सभी खरीद एजेंसियों में करीब 3 लाख 27 हजार 808 एमटी गेहूं भंडारित है। इसमें से 1 लाख 5 हजार 188 एमटी गेहूं कवर्ड एरिया में गोदामों में रखा गया है। इसके अलावा 2 लाख 22 हजार 620 एमटी गेहूं खुले में है। उसकी सुरक्षा के लिए खरीद एजेंसियों ने चौकीदार नियुक्त किए हैं। कई बार इन गोदामों से चोरी की बातें सामने आ चुकी हैं।
रेवाड़ी: पुख्ता इंतजाम का दावा
जिले में रेवाड़ी, बावल और कोसली की अनाज मंडियों में सरसों की 102012 एमटी व गेहूं 73931 एमटी खरीद की गई। जिले की सभी मंडियों में सरसों व गेहूं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का दावा किया गया है।
जिले में खुले में रखे अनाज को भीगने से बचाने के लिए अभी अधूरे प्रबंध है। हालांकि मार्केट कमेटी का दावा है कि उसकी ओर से सभी प्रबंध कर दिए गए हैं। सरकारी एजेंसियों हैफेड और डीएफएससी की ओर से गेहूं की खरीद के बाद बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से टक कर इसे शेड के नीचे रखवाया गया है। समालखा और सनौली की मंडियों में गेहूं के करीब सवा लाख कट्टे खुले में रखे हैं।
महेंद्रगढ़/नारनौल: 81 हजार बोरे तिरपाल के नीचे
नारनौल में गेंहू के करीब 81 हजार बोरे खुले आसमान के नीचे रखे हैं। इन बोरे को तिरपाल व प्लास्टिक से कवर किया गया है। आंधी के समय किसी तरह की दिक्कत न आए इसके लिए तिरपालों को मजबूत रस्सी से बांधा गया है। फूड सप्लाई ऑफ इंडिया ने नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़ में अपने गोदाम बनाए हैं। जिसमें सरसों, गेहूं को गोदाम में अंदर रखा गया है।
दादरी और बाढ़डा मंडी से अभी सरसों और गेहूं का उठान नहीं हुआ है। बाढ़डा मंडी से 180 बैग का उठान होना अभी बाकी है। यहां खुले में पड़े गेहूं में लावारिस गोवंश मुंह मार रहे हैं। दादरी मंडी से दो हजार बैग सरसों का उठान बाकी है। वेयर हाउस कॉरपोरेशन ने दादरी मंडी में 248635 बैग गेहूं खरीदा है।
रोहतक: गेहूं के आठ लाख कट्टों को अभी उठान का इंतजार
रोहतक व शिमली की अनाज मंडी में फूड एंड सप्लाई के गेहूं के आठ लाख कट्टों का उठान अभी बाकी है। इसमें से कुछ गेहूं कवर शेड के नीचे रखे हैं तो कुछ बाहर रखे गए हैं। डीएफएससी सुरेंद्र सैनी ने बताया कि मंडी में उनकी आठ लाख यूनिट ही बाहर है, इसका उठान चल रहा है।
हिसार: शेडों पर आढ़तियों का कब्जा
जिला मुख्यालय स्थित नई अनाज मंडी में किसानों की सरसों की फसल खुले में पड़ी हुई है। हिसार में अधिकांश शेडों पर आढ़तियों का कब्जा है और उन्होंने अपना माल या अपनी बोरियां इन शेडों के नीचे रखी हुई हैं।