शिकायत पर मौलिक शिक्षा निदेशालय ने संज्ञान लेते हुए निजी स्कूलों के संबंध में सभी डीईओ व डीईईओ को निर्देश जारी किए हैं। जारी किए गए पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निजी स्कूल बच्चों पर पाठ्यक्रम एवं निजी प्रकाशकों की पुस्तकें व अन्य शैक्षणिक सामग्री और स्कूल ड्रेस नहीं थोप सकते हैं, ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि उनका संगठन हर साल नियम 134ए के तहत हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने का काम करता है। प्रदेश भर के 7560 निजी स्कूलों में करीब 45 हजार गरीब बच्चे नियम 134ए के तहत कक्षा दूसरी से बारहवीं तक पढ़ाई कर रहे हैं।
इन बच्चों को निजी स्कूल दाखिला तो दे देते हैं, मगर इन्हें ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा नहीं देते, ऐसे में अभिभावक बच्चों का दाखिला कराने से ही पीछे हट जाते हैं। इसी संबंध में मौलिक शिक्षा निदेशालय को शिकायतें दी गई थी। इसी पर निदेशालय ने अब यह कदम उठाते हुए शिक्षा अधिकारियों को ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।