नप का खुला दरबार : पेंडिंग पड़ी 100 नक्शा फाइलों के नहीं पहुुंचे वारिश
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
नगर परिषद में वर्ष 2014 से अब तक पेंडिंग पड़ी नक्शा फाइलों के निपटान के लिए लगाए गए खुले दरबार में दूसरे दिन शुक्रवार को पेंडिंग पड़ी 100 फाइलों के वारिश ही नहीं पहुुंचे। इसके बाद इन फाइलों को नप ने रद्द कर दिया। अब फाइलों के नक्शे के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा। दूसरे दिन खुले दरबार में 110 नक्शों की फाइलों की त्रुटि दूर कर निपटान किया गया।
नगर परिषद परिसर में नप चेयरमैन रणसिंह यादव व सचिव आरके महता की अध्यक्षता में खुले दरबार का आयोजन किया। दूसरे दिन लोगों की भीड़ ज्यादा देेखने को मिली। सुनवाई के लिए 210 फाइलें रखी गईं। इन फाइलों में से 100 फाइल नक्शों की ऐसी थी जो वर्ष 2014 से पेंडिंग थी और उनके निपटारे के लिए कोई सदस्य नहीं पहुंचा। जिस कारण इन फाइलों को खारिज कर बंद कर दिया। नप द्वारा अब इन फाइलों के मालिकों को नए सिरे से आवेदन करने की हिदायत जारी की है। इसके साथ ही लंबी कतार में लगे 110 व्यक्तियों की सुनवाई कर उनकी फाइलों का निपटान किया गया। जिसके बाद लोग राहत की सांस लेते हुए नजर आए।
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फाइलों के निपटान में पार्षदों की भूमिका रही खास
चौंकाने वाली बात यह है कि जो रिकार्ड नप की बिल्डिंग ब्रांच के कर्मचारियों को ढूंढे नहीं मिल रहा था, उसे वार्ड के पार्षद रिकार्ड रजिस्ट्रर से तुरंत ढूंढ कर निपटान करवाते नजर आए। पार्षद इन फाइलों के निपटान के लिए पूरी लगन के साथ व्यस्त नजर आए।
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पिछले करीब पांच साल से नक्शे की फाइलें अलग-अलग विवाद को लेकर लटकी हुई थी। दो दिन लगे खुले दरबार में 200 फाइलों का निपटान किया गया है, जबकि 100 के लगभग फाइलें ऐसी थी जिनकी सुनवाई के लिए उनके वारिस पहुंचे ही नहीं। जिस कारण इन फाइलों को बंद कर दिया है। अब इन फाइलों के लिए अलग से आवेदन करना होगा।
आरके महता, नप सचिव
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जनता की समस्या के समाधान के लिए यह दरबार लगाया गया था। जिसमें पार्षदों ने अधिकारियों व जनता दोनों का ही पूरा सहयोग किया। जिसके बाद दो दिन में करीब 200 पेंडिंग फाइलों का निपटान हो पाया है।
-- रणसिंह यादव, चेयरमैन नप