करनाल
किसानों के भारत बंद का क्षेत्र में व्यापक असर दिखा। जिले में हाईवे समेत विभिन्न मार्गों पर करीब 16 स्थानों पर किसानों ने जाम लगाकर सुबह 6 बजे से शाम को चार बजे तक यातायात बंद रखा। करनाल रेलवे स्टेशन पर बांद्रा-जम्मू (04671) एक्सप्रेस करीब साढ़े आठ घंटे खड़ी रही। सुबह 7.50 से शाम 4.23 बजे तक रेलयात्री स्टेशन पर भटकते रहे।
कुरुक्षेत्र
जिले के बाजारों में 90 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं। वहीं रास्ते बंद होने के कारण रोडवेज व रेलवे सेवाएं बाधित रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जिले में किसानों द्वारा पहले से निर्धारित जिले में कुल 25 जगह जाम लगाया गया। शाहाबाद में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे, जिससे आंबेडकर नगर से वैष्णो देवी जाने वाली ट्रेन रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। इससे पहले सुबह रोडवेज की पांच बसें रूट पर निकली लेकिन बीच रास्ते से वापस आ गईं।
पानीपत
भारत बंद के दौरान किसानों ने सनौली-हरिद्वार रोड, पानीपत और डाहर टोल टैक्स और पानीपत- रोहतक बाईपास पूरी तरह से बंद कर दिया। किसानों ने यहां पर क्रेन, ट्रैक्टर और पेड़ रखकर रास्ता बाधित किया। रेल और बस सेवा पूरी तरह से ठप रही। रेलवे स्टेशन पर 26 में से महज एक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पहुंची। सिग्नल न मिलने से वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 7:30 से 3:55 बजे तक स्टेशन पर ही खड़ी रहीं।
यमुनानगर
यमुनानगर में भाकियू की तरफ से 8 जगहों पर चक्का जाम का एलान किया गया था लेकिन सोमवार सुबह आठ बजे किसानों ने 25 प्रमुख जगहों पर जाम लगाकर रास्ते रोक दिए गए। चंडीगढ़-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरियाणा की तरफ मिल्क माजरा टोल प्लाजा और बहरामपुर चौक पर जाम लगाया। वहीं फूलगढ़ के पास अंबाला-सहारनपुर रेलवे ट्रैक पर किसान बैठ गए। इस दौरान दोनों तरफ से मालगाड़ियां आ गई। एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने किसान नेताओं से बहस की और आगे रास्ता देने को कहा लेकिन किसानों ने रास्ता नहीं दिया। भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद ट्रेनों को निकाला गया। अगर लोको पायलट आपातकालीन ब्रेक नहीं लगाते तो यमुनानगर में बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं टिकैत गुट के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर की अगुवाई में सहारनपुर-कुरुक्षेत्र राज्यमार्ग पर बुबका चौक रादौर में जाम लगाया गया।
अंबाला
किसानों के भारतबंद से अंबाला होकर जाने वाली 47 ट्रेनें प्रभावित रहीं तो वहीं हरियाणा रोडवेज की 120 बसों के पहिए पूरी तरह से थमे रहे। जबकि शहर के जगाधरी गेट, पुरानी अनाज मंडी व अन्य चौक चौराहों पर किसानों ने विरोध जताया। दूसरी ओर, बराड़ा के गांव उगाला, हेमा माजरा, खान अहमदपुर और नारायाणगढ़ में शहजादपुर, छज्जूमाजरा, कड़ासन, शहजादपुर शुगर मिल के सामने, अग्रसेन चौक, साहा चौक पर किसानों ने जाम लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कैथल
किसानों ने कैथल में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे सहित जिले में करीब 30 जगहों पर सड़कों पर जाम लगाया। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर तितरम मोड़ पर किसानों ने जाम लगाया। इसके अलावा किसानों ने शहर में जगह-जगह जाम लगाया।
हिसार
हिसार से सिरसा, हिसार से दिल्ली, हिसार से चंडीगढ़, हिसार से राजगढ़ रोड किसानों ने जाम कर दिया। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी आए लेकिन जनता नदारद रही। सड़कों पर 30 प्रतिशत ही ऑटो दौड़े। हिसार जंक्शन से जाने वाली सभी ट्रेनें प्रभावित रहीं। सुबह 8:30 के बाद कोई ट्रेन रवाना नहीं हुई है। दिल्ली जाने वाली ट्रेन को भिवानी, सिरसा जाने वाली ट्रेन को आदमपुर में ही रोक दिया गया। रोडवेज बस सेवा शाम 4 बजे तक बंद रही। निजी बसों को भी नहीं चलाया गया।
चरखी दादरी
चरखी दादरी में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सांगवान खाप-40, फौगाट खाप-19, श्योराण खाप समेत विभिन्न संगठनों ने एक मंच पर आकर भारत बंद को कामयाब बनाया। प्रदर्शनकारियों ने हिसार-रेवाड़ी रेलमार्ग पर फतेहगढ़ स्टेशन पर ट्रैक और 13 जगहों पर सड़क मार्ग जाम किए। सड़क मार्गों में एनएच-148 बी और 334-बी शामिल है। करीब दस घंटे तक इन दोनों मुख्य मार्गों समेत 13 जगहों पर जाम रहा जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर शहर में करीब तीन हजार दुकानें बंद रखकर व्यापारी और दुकानदारों ने भी भारत बंद में सहयोग किया।
भिवानी
भिवानी में दुकानदारों में बाजार खोलने को लेकर असमंजस बना रहा लेकिन सुबह 10 बजे के बाद एक एक कर सभी दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खोल दिए। दिन के समय जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने भारत बंद में समर्थन करते हुए दुकानें बंद करने का अनुरोध किया तो दुकानदारों ने एक बार अपनी दुकानों के शटर नीचे कर दिए। जैसे ही जनसंगठनों का काफिला आगे बढ़ा तो फिर से दुकानें खुल गईं। किसान आंदोलन के कारण रेवाड़ी-भिवानी, भिवानी-रोहतक, भिवानी-हिसार एवं हनुमानगढ़-सादुलपुर श्रीगंगानगर-फतूही मार्ग पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। किसानों ने दो जगह रेलवे ट्रैक भी जाम किया।
फतेहाबाद
फतेहाबाद जिले में भारत बंद पूरी तरह सफल रहा। अलग-अलग संगठनों से जुड़े किसानों ने जिले में नेशनल व स्टेट हाईवे सहित 27 जगह पर रोड जाम की। भट्टू में सात घंटे तक रेलवे ट्रैक को जाम रखा गया। इसके अलावा जाखल जंक्शन पर फिरोजपुर से दिल्ली जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस को भी आठ घंटे तक रोके रखा गया। फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, जाखल व भूना शहर में प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे। जिला मुख्यालय पर लघु सचिवालय के सामने व लालबत्ती चौक पर किसानों ने धरना लगाकर प्रदर्शन किया। टोहाना में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 148बी पूरी तरह जाम रहा। रोडवेज की बसें भी रूटों पर नहीं दौड़ पाई। एक दिन में रोडवेज को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
सिरसा
सिरसा में भारत बंद का असर देखने को मिला। रोडवेज और रेल सेवा ठप रही तो वहीं बाजार और सड़कें सूनी रहीं। भारत बंद का समय खत्म होते ही रोडवेज बसें चल पड़ीं लेकिन रेलवे ने सभी ट्रेनें रद्द कर दी। इससे यात्री परेशान हुए। एक दिन में रोडवेज को करीब 10 लाख का नुकसान हुआ। जिले में 31 स्थानों पर किसानों ने जाम लगाया।
सोनीपत
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का सोनीपत में व्यापक असर दिखाई दिया। केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे व एनएच-44 समेत किसानों ने 25 जगह बीच सड़क पर बैठ कर धरना दिया। आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। आपातकालीन सेवा को ही निकलने दिया गया। शहरों में हालांकि बाजार खुले रहे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से लगते नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे व पूरे 10 घंटे तक थमे रहे। गोहाना में 12 जगह, सोनीपत में 4 जगह, खरखौदा में 3 जगह व गन्नौर में 3 जगह किसानों ने जाम लगाया। इसके अलावा केजीपी-केएमपी के नीचे व ऊपर तथा राई के पास एनएच-44 पर जाम लगाया गया। बंद के कारण लगे जाम में केजीपी-केएमपी पर दूसरे राज्यों के यात्री भी फंसे रहे। शाम 4 बजे जाम खुलने के बाद भी उन्हें निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
झज्जर
वहीं बहादुरगढ़ में व्यापक प्रभाव देखने को मिला। सुबह करीब साढ़े छह से दोपहर बाद 4 बजे तक मेट्रो को छोड़ सभी यातायात सेवाएं ठप रहीं। इस लगभग आठ घंटे की अवधि में 22 यात्री और एक्सप्रेस रेल गाड़ियों को मिलाकर 40 गाड़ियां नहीं चल पाईं। हाईवे को छोड़ लगभग सभी लिंक रोड खुले रहे। दिल्ली जाने के लिए झाड़ोदा बार्डर और सभी छोटे बार्डर खुले रहे। बादली के पास ढांसा बार्डर बंद रहा। बहादुरगढ़ शहर में बंद का कोई असर नहीं हुआ। सुरक्षा के लिए बहादुरगढ़ का एक मेट्रो स्टेशन बंद रखा गया लेकिन मेट्रो ने अन्य दिनों की तरह बराबर फेरे लगाए।
रोहतक
रोहतक में सांपला में पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया गया और शहर में जाट भवन पर दो घंटे जाम रहा। हालांकि सेक्टर की मार्केट बंद रही, जबकि शहर के सभी बाजार खुले रहे। वहीं सांपला, महम और लाखनमाजरा के बाजार पूरी तरह बंद रहे। सांपला में रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया। जाम के चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। इससे पीजीआईएमएस में ओपीडी की संख्या आधी घट गई और स्वास्थ्य विभाग का पोलियो अभियान भी अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। सुरक्षा के लिए पुलिस जगह-जगह तैनात रही। इसके साथ ही जिला बार में वर्क सस्पेंड रहा।
जींद
जींद में 36 जगह सड़कों पर जाम लगाया गया। नरवाना के पास रेल मार्ग पर भी किसानों ने धरना देकर बंद किया। हालांकि भारत बंद के चलते लोग घरों से नहीं निकले, इसके चलते बाजार में भी अधिकतर दुकान बंद रही।
रेवाड़ी
रेवाड़ी में भारत बंद का असर बावल कस्बे को छोड़कर कहीं पर देखने को नहीं मिला। रेवाड़ी, धारूहेड़ा और कोसली में दिनभर बाजार खुले रहे, जबकि बावल में मेडिकल स्टोर, अस्पताल व शिक्षण संस्थानों को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहीं। भारत बंद के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने गंगायचा टोल को बंद करा दिया। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर किसानों ने जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर की सर्विस लाइन को भी बंद कर दिया। झज्जर-रोहतक सहित अन्य रूटों पर भारत बंद के चलते बसों का संचालन नहीं हो पाया। वहीं लगभग 10 ट्रेनों पर असर पड़ा। नारनौल में भारत बंद का असर नहीं दिखा।