उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने जनस्वास्थ्य, नगर निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यक्षेत्र के तहत आने वाले नलकूपों का पूरा ब्यौरा अपने कार्यालय में रखने के साथ-साथ राजस्व अधिकारी कार्यालय में भी उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला के सभी सरपंच और नंबरदार न केवल अपने गांव के कुओं, नलकूपों व बंद पड़े नलकूपों की जानकारी रखें बल्कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की सूचना तुरंत संबंधित क्षेत्र के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने कहा कि गांव में जो कुएं अथवा ट्यूबवेल चालू हालत में नहीं हैं, उन्हें इस तरह से बंद करवाएं ताकि वे किसी भी संभावित दुर्घटना से पूरी तरह सुरक्षित हों। जो कुएं इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उनकी मुंडेर को कम से कम तीन फुट उंचा करवाएं ताकि ऐसे कुओं में बच्चों के गिरने और अन्य किसी दुर्घटना से सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में अपने विभाग से संबंधित नलकूपों के ब्यौरे के साथ-साथ जिले में बोर लगाने के कार्य में लगे सभी व्यावसायियों की भी पूरी जानकारी रखेंगे।
बोरिंग कार्य में लगे सभी लोगों को बोर लगाते समय उसके नजदीक चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाना होगा और बोरिंग कार्य के चारों तरफ तीन मीटर दूरी तक फेंसिंग भी करनी होगी। बोर की मरम्मत के समय भी बोर को खुला न रखने के निर्देश दिए गए और बंद पडे़ बोरवेल को तुरंत बंद करवाने के निर्देश दिए गए।