स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह के गृह जिले में मंगलवार देर शाम एंबुलेंस सेवा के अभाव में गांव फतनी (फतेहपुर) निवासी अनिल कुमार ने सड़क पर तड़पते हुए दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध हो जाती तो उनका बेटा बच सकता था। वहीं एंबुलेंस सेवा इंचार्ज डॉ. अरुण कालरा ने बताया कि बैटरी न होने के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाई।
जानकारी के अनुसार अनिल कुमार (20) मंगलवार शाम करीब साढे़ 6 बजे महेंद्रगढ़ से बाइक से अपने गांव फतनी आ रहा था। गुजरवास की नहर के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी और फरार हो गया। दुर्घटना में अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां से गुजर से राहगीरों ने हादसे की जानकारी उसके परिजनों को दी। सूचना मिलने पर परिजनों ने मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन पौने घंटे इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजनों ने निजी वाहन से घायल को अटेली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे नारनौल के सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन करीब आधे घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध न होने के कारण घायल इलाज के अभाव में तड़पता रहा। बाद में परिजनों ने उसे निजी वाहन से नारनौल के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजनों ने अपने बेटे की मौत के लिए लचर एंबुलेंस सेवा व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों ने बताया कि क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्री होने के बावजूद जिले में एंबुलेंस सेवा का बुरा हाल है। समय पर एंबुलेंस न पहुंचने के कारण आए दिन दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर उपचार न मिल पाने के कारण अकाल मौत का शिकार होना पड़ रहा है।
अटेली की एंबुलेंस में बैटरी न होने के कारण समय पर सेवा नहीं दी जा सकी। उनके पास छह एंबुलेंस हैं, लेकिन टूटी सड़कों के कारण सभी कंडम हो चुकी हैं। नई गाड़ियां उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। जल्द ही एक गाड़ी आने वाली है जिसे अटेली के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।
डॉ. अरुण कालरा, एंबुलेंस सेवा इंचार्ज, नारनौल