अंबाला सिटी। नौ साल से स्कूल से उधर लिए आठ कमरों में राजकीय महिला कॉलेज चल रहा है। इस साल भी नए सत्र में छात्राओं को 11 करोड़ 76 लाख रुपये के लागत से बनने वाले भवन की सौगात नहीं मिल पाएगी। 2018 से सेक्टर 10 में निर्माणाधीन तीन मंजिला राजकीय महिला कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में पूरा होना था, जो अब तक अधूरा है। अभी भवन के दो मंजिल का ढांचा खड़ा हुआ है, जबकि तीसरी मंजिल का कार्य अभी शुरू हुआ है। इस परियोजना का 70 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। काम की रफ्तार में तेजी आए, इसके लिए राजकीय कॉलेज की टीम द्वारा भी अब निगरानी रखी जा रही है। इस गति से चल रहे कार्य को देखते हुए विभाग 2022 तक नए भवन मिलने के कयास लगा रहा है। भवन निर्माण के बाद उसकी फिनिशिंग में भी काफी समय लगता है। संवाद
यह है स्थिति
राजकीय महिला कॉलेज अंबाला शहर की पुलिस लाइन राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 8 कमरों में वर्ष 2012 में शुुरुआत हुई थी। इनमें से 5 कमरे छात्राओं की कक्षाओं के लिए हैं। एक प्रिंसिपल कार्यालय और पुस्तकालय व एक अन्य कमरा है। कॉलेज में बीकॉम और बीए की करीब 160-160 सीटें हैं। अपना भवन नहीं होने के कारण हर साल यहां 50 प्रतिशत से ज्यादा सीटें खाली रह जाती हैं। इतना ही नहीं न तो छात्राओं के लिए यहां पर कामन रूम की सुविधा है न ठंड से बचाव के साधन। इसीलिए सेक्टर 10 में 10 एकड़ भूमि तलाशी गई। इस पर राजकीय महिला कॉलेज का निर्माण कार्य 3 दिसंबर 2018 को शुरू किया गया था। 11 करोड़ 76 लाख 27 हजार 106 रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉलेज का निर्माण 2 सितंबर 2020 तक पूरा होना था। लेकिन एक साल तक प्रथम तल का ही निर्माण पूरा हुआ। इसके बाद 2020 में कोरोना काल का बहाना बन गया। तब से लेकर अब तक निर्माण कार्य रफ्तार ही नहीं पकड़ पाया।
हमारी ओर से भवन निर्माण पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। प्रति माह की 10 तारीख को हमें रिपोर्ट भेजनी होती है कि कितना काम हुआ है इत्यादि। अगर बीच में कोरोना न आता तो उम्मीद थी कि इसी सत्र में हमें भवन की सौगात मिल जाती। लेकिन अगले सत्र तक तो काम पूरा हो ही जाएगा।
-रेखा शर्मा, प्रिसिंपल, राजकीय महिला कॉलेज, अंबाला सिटी।