फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंदे पानी की सप्लाई से परेशान लोगों ने किया मटकी फोड़ प्रदर्शन

विज्ञापन
Troubled by the supply of dirty water, people protested - फोटो : Ambala
विज्ञापन
अंबाला सिटी। ढाई माह से पानी कि किल्लत झेल रहे सेक्टर 9 और 10 के बाशिदों के सब्र का बांध रविवार सुबह टूट गया। भारी संख्या में सेक्टर वासी अपने हाथों में मटका लेकर वाटर सप्लाई के कार्यालय के सामने पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने कार्यालय के दरवाजे पर ही मटका फोड़ते हुए जमकर विरोध जताया।
विज्ञापन

इस दौरान लोगों ने सरकार के साथ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गुस्सा दिखाया और परेशानी बताई। दो घंटे तक जारी रहे प्रदर्शन के सेक्टर वासियों ने कई बार अधिकारियों को फोन किए लेकिन उन्होंने फोन तक उठाना लाजिमी नहीं समझा। यहां तक कि किसी अधिकारी व कर्मचारी ने भी सेक्टरवासियों के आकर बात नहीं सुनी। गुस्साएं सेक्टर वासियों ने कहा कि हमें नल से एक गिलास पीने योग्य पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। गंदा पानी आने के कारण एक माह में तीन-तीन बार हमारे फिल्टर खराब हो रहे हैं। वहीं जो पानी आता है उसका प्रयोग हम पीना तो दूर की बात है कपड़े धोने में भी नहीं कर सकते। कपड़ों में भी मिट्टी चिपक जाती है। बर्तन धोना व अन्य कार्य तो कैसे ही करें। उन्होंने विरोध जताते हुए कहा कि हम तो सेक्टरों में इसीलिए घर लेते हैं कि सभी सुविधाएं मिलती रहे, लेकिन यहां पर हालात इसके बिल्कुल उलट है। जब इस संबंध में अधिकारियों व संबंधित जनप्रतिनिधियों को बताया जाता है तो वह भी कुछ नहीं कर रहे हैं। आज भी यही हाल है।
कहने को सेक्टर हालात गांव से भी बदतर
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कहने को कागजों में सेक्टरों में रहने वालों को सुविधा देने का संबधित विभाग दावा करता है। यहां प्लॉट बेचने के लिए लोगों को लुभाने के लिए पीने के लिए साफ पानी, सड़कों व गलियों स्ट्रीट लाइट आदि सुविधाएं देने की बात की जाती है लेकिन
विज्ञापन

धरातल की बात करें तो ग्रीन बेल्ट केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। सीवरेज है कि वर्षों पुराने ढर्रे पर अंतिम सांसें ले रहा है, जिसके कारण सीवरेज अधिकतर बंद ही रहता है। स्ट्रीट लाइट की हालत ऐसी है कि सेक्टरों की अधिकतर मुख्य सड़कों तक पर आधी लाइटें जलती हैं आधी विभाग द्वारा किए जा रहे विकास के दावों की पोल खोलती हुई बंद पड़ी हैं। वहीं पीने का पानी लोगों को मार्केट से खरीद कर पीना पड़ रहा है। जो पानी का कैंपर पहले 15 रुपये का आता था। अब उसी की कीमत दोगुनी कर दी गई है।
विज्ञापन

कई बार मामला संबंधित विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में ला चुके हैं फिर भी नतीजा सिफर है।
प्रद्युमन सचदेवा, चेयरमैन सेक्टर-9 वेलफेयर एसोसिएशन
लोगों की शिकायत मिली है और गंदे पानी की समस्या को दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
-रणवीर त्यागी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें