अंबाला सिटी। तीन दिवसीय राज्यस्तरीय वामन द्वादशी मेले का आगाज आज होगा। सुबह 10 बजे से बैंड की धुन पर अंबाला शहर के बड़ा ठाकुर द्वारा से शोभायात्रा का आरंभ होगा। जहां से विधि-विधान से पूजा और आरती के बाद भगवान वामन का हिंडोला पुरानी अनाज मंडी की ओर प्रस्थान करेगा। जहां पर भगवान वामन को विराजमान करने के लिए भव्य पंडाल सजाया गया है।
बड़ा ठाकुर द्वारा मंदिर से पुरानी अनाज मंडी के करीब एक किलोमीटर के इस रास्ते में चार अन्य वामन भगवान के हिंडोले शोभायात्रा में शामिल होंगे। सभी पांच हिंडोलों को बैंड और भजनों की धुन के बीच पुरानी अनाज मंडी स्थित भव्य पंडाल में स्थापित किया जाएगा। 17 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में तीनों दिन बहुत सी भजन मंडलियां प्रस्तुतियां देंगी साथ ही झांकियां भी निकाली जाएंगी। इसके बाद 17 सितंबर की शाम को भगवान वामन के हिंडोले पंडाल से नवरंग राय तालाब की ओर रवाना होंगे। वहां पर आरती के बाद अपने-अपने विराम स्थल की ओर प्रस्थान करेंगे। पिछले साल कोरोना के कारण सांकेतिक रूप से मनाए गए इस मेले को इस बार भव्य तरीके से मनाया जाएगा।
नहीं होंगी कुश्तियां और आतिशबाजी
वामन द्वादशी की शान माने जाने वाली आतिशबाजी के इस बार नजारे देखने को नहीं मिलेंगे क्योंकि इसकी अनुमति नहीं मिली है। इसी तरह इस मेले में कुश्तियाें का आयोजन भी इस बार नहीं किया जाएगा। इस तरह दो बड़े कार्यक्रम दर्शकों को इस राज्यस्तरीय मेले में देखने को नहीं मिलेंगे।
यह होंगे कार्यक्रम
कल दोपहर दो बजे से लेकर पांच बजे मास्टर जिम्मी भगवान के भजनों का गुणगान करेंगे। इसके बाद शाम पांच बजे से आठ बजे तक उमेश की मंडली भजनों का गुणगान करेगी। आठ बजे से 11 बजे तक मा. बॉबी भक्ति रस को वितरित करेंगे। 16 सितंबर की सुबह आठ बजे से 11 बजे तक पंडित बोधराज, 11 बजे से दो बजे तक कपिल अग्रवाल, दो बजे से पांच बजे तक नवीन दीवाना, शाम पांच बजे से आठ बजे तक कौशल्य शर्मा, रात आठ बजे से लेकर 11 बजे तक भजन गायक विनोद भजनों का गुणगान करेंगे। 17 सितंबर की सुबह आठ बजे से 11 बजे तक वनशूल अग्रवाल और शाम पांच बजे से रात साढ़े आठ बजे तक बेबी हन्नी भजनों का गुणगान करेंगी। शोभायात्रा संकीर्तन तीन बजे से विवेक सबलोक करेंगे। जहां हिंडौलों की अगुवाई दो मेरठ से और एक अंबाला का बैंड करेगा।
इस मार्ग से होकर गुजरेगी शोभायात्रा
यह शोभायात्रा नवरंगराय तालाब के सामने स्थित बड़ा ठाकुर द्वारा से शुरू होगी, जो कि पुराना सिविल अस्पताल, दो नंबर चौकी, गेंडामल धर्मशाला, सुनारा बाजार, कोतवाली बाजार, तंदूरा बाजार से होते हुए पुरानी अनाज मंडी में पहुंचेगी।
स्वदेशी लड़ियों का हुआ है सजावट के लिए प्रयोग
पुरानी अनाज मंडी को लाइटों की मदद से भव्य तरीके से सजा दिया गया है। इस बार पूरे क्षेत्र को सजाने के लिए स्वदेशी लाइटों का ही प्रयोग किया गया है। इसके अलावा हिंडौलों को भी स्वेदशी लड़ियों इत्यादि से ही सजाया जाएगा। बारिश के कारण कहीं परेशानी न हो, इसके लिए वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था की गई है। इस बार पंडाल में प्रयोग होने वाला सारा सामान स्वदेशी ही प्रयोग किया जा रहा है।