नगर कीर्तन में गतका खेलते हुए।
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मुलाना/बराड़ा। दोसड़का स्थित यादगार गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह बाबा फतेह सिंह में गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों व माता गुजरी कौर की याद में शनिवार को सालाना तीन दिवसीय शहीदी जोड़ मेले का शुभारंभ हुआ। मेले के पहले दिन विशाल नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन में गुरु ग्रंथ साहिब सुशोभित पालकी में विराजे, जिसकी अगुवाई पंज प्यारों द्वारा की गई।
नगर कीर्तन दोसड़का स्थित गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह से शुरू होकर दोसड़का चौक, होली बस स्टैंड, बराड़ा गांव, हरगोबिंदपुरा, प्रीतनगर, बराड़ा के मुख्य बाजार से होता हुआ गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में पहुंचकर संपन्न हुआ। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए सैकड़ों की संख्या में संगत उपस्थित रही। श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के आगे शीश नवाकर अरदास की। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन में शामिल होकर कई किलोमीटर तक गुरु महाराज का सिमरन करते हुए पैदल नंगे पांव चलकर छोटे साहिबजादों की शहीदी को नमन किया। इस दौरान ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारे माहौल को ओर भक्तिमय बना रहे थे। नगर कीर्तन में गतका पार्टियों ने वीर रस से परिपूर्ण अपनी कला का प्रदर्शन किया। गतके में शामिल छोटे सिख कलाकारों ने भी जमकर अपनी कला का जौहर दिखाया। विशाल नगर कीर्तन का कई जगह जोरदार स्वागत किया गया। रास्ते में कई जगह श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया था। सिख समाज के द्वारा साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। शहीदी जोड़ मेले में हर साल पंजाब, यूपी, हरियाणा व आसपास के गांव से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंहुचते है।
अमृत संचार और सुंदर दस्तार मुकाबले होंगे
दोसड़का गुरुद्वारा प्रधान जसबीर सिंह खालसा ने बताया कि मेले के दूसरे दिन 26 दिसंबर को गुरुद्वारा साहिब में अमृत संचार तथा सुंदर दस्तार मुकाबले करवाएं जाएंगें। मेले के अंतिम दिन 27 दिसंबर को विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध रागी जत्थों द्वारा कीर्तन के माध्यम से संगतों को निहाल किया जाएगा। वहीं 27 दिसंबर को ही गुरुद्वारा प्रांगण में आदेश अस्पताल द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।