अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल की पहली मंजिल पर बने प्रसूति विभाग के बाद शौचालय में एक महिला ने नवजात को जन्म दिया। यह घटना रविवार देररात 2 बजे के करीब की है।
महिला ने खुद ही अपनी नाल काट ली और बच्चे को छुपाने के लिए शौचालय में लगी फ्लैश वाली टंकी में ही डाल दिया। महिला दर्द से कहराती हुई बाहर निकली और सीधा प्रसूति विभाग में यह बोलते हुए दाखिल हो गई कि वह तीन माह की गर्भवती है और काफी दर्द हो रहा है। इस पूरी घटना से अनजान अस्पताल स्टाफ ने भी महिला को इंजेक्शन देकर लिटा दिया। करीब एक घंटे के बाद प्रसूति विभाग के बाहर सो रहे तीमारदारों ने नवजात की आवाज सुनी तो वह शौचालय में पहुंचे। नवजात को फ्लैश वाली टंकी में देखकर उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में स्टाफ नर्स पहुंची और नवजात की सफाई के बाद सीधा उसे निक्कू वार्ड में दाखिल कर लिया। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। पूछताछ की गई तो पता चला कि यह नवजात प्रसूति विभाग में करीब एक घंटा बोलकर दाखिल हुई उसी महिला है जो खुद को तीन माह की गर्भवती बता रही थी। डॉक्टरों ने इलाका पुलिस को सूचना दी। जांच के बाद परिजनों ने महिला के मानसिक रूप से परेशान होने की बात बताई। बताया जाता है कि महिला की शादी तीन माह पहले ही हुई थी।
प्रसूति वार्ड में महिला के खून बहने लगा तो हुआ खुलासा
दरअसल, महिला दर्द का इंजेक्शन लेकर प्रसूति विभाग के बैड पर लेट कर आराम करने लगी। लेकिन कुछ ही देर बाद उसका रक्त तेजी से बहने लगा। स्टाफ ने जांच की तो पता चला कि महिला की नाड़ कटी हुई थी। पूछने पर महिला ने बताया कि घर पर डिलवरी हो गई थी और वह उपचार के लिए सीधा अस्पताल आ गई। नवजात घर पर ही होगा।इसी बात पर स्टाफ को शक हुआ और कुछ ही देर में नवजात के बाथरूम से मिलने का मामला उठा तो महिला ने उसे स्वीकार कर लिया। प्रसूति विभाग स्टाफ का कहना है कि महिला उनके पास शौचालय में डिलीवरी के बाद ही आई थी।
शौचालय से नवजात मिला था। पुलिस को सूचना देने के बाद परिजन पहुंचे तो उन्होंने महिला के मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही। उनकी तरफ से पुलिस में कार्रवाई के लिए कोई शिकायत नहीं की गई।
डॉ. मुकेश, आरएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल
अस्पताल से सूचना मिली थी। जांच भी की गई लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से महिला के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए लिखित में शिकायत नहीं मिली है।
-विजय कुमार, इंस्पेक्टर, अंबाला कैंट थाना प्रभारी