हरियाणा सरकार के खिलाफ विरोध करने को लेकर चिकित्सकों ने मंगलवार को हड़ताल की चेतावनी दी थी। मगर, चिकित्सकों की हड़ताल का छावनी और शहर के अस्पतालों में खास असर देखने को नहीं मिला। वहीं डाक्टर एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. मुकेश कुमार का कहना है कि यदि अगले दो दिन तक मांगों को लेकर कोई सहमति नहीं बनती है तो सभी डॉक्टर 14 जनवरी को संपूर्ण हड़ताल पर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में करीब 1800 विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत है, लेकिन 700 स्पेशलिस्ट ही काम कर रहे हैं। प्रति डॉक्टरों के पास जरूरत से ज्यादा मरीजों का भार है। कोरोना व ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच परेशानी बढ़ गई है। सरकार से यही मांग की गई है कि वह डॉक्टरों की कमी को पूरा करे। सीधे तौर पर एसएमओ की भर्ती न करे, उसको तुरंत प्रभाव से रोके और पीजी पॉलिसी में बदलाव करके सरकारी डॉक्टरों के लिए 40 प्रतिशत कोटा निर्धारित करे।
उन्होंने बताया कि एक महीने पहले मांगों को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ बैठक हुई थी। उस समय अनिल विज ने चिकित्सकों की मांगों को जल्द पूरा करने आश्वासन दिया था। वहीं 11 जनवरी को हड़ताल की घोषणा के बावजूद तकरीबन सभी चिकित्सक अपनी सेवाएं देते हुए नजर आए। हालांकि इस हड़ताल का कुछ असर अंबाला कैट अस्पताल में जरूर दिखाई दिया। वहां ओपीडी बंद होने से मरीज परेशान रहे।
दरअसल, नागरिक अस्पतालों में डेंटल व ईएनटी ओपीडी बंद होने से मरीजों की संख्या पहले ही कम हो गई है। बहुत से चिकित्सक कोरोना संकट से गुजर रहे हैं। इसी कारण वह चिकित्सक मरीजों को चेक नहीं कर पा रहे हैं। उधर नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि वह अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सीएमओ को ज्ञापन सौंपा
कोरोना संकट के बीच मंगलवार को हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन से जुडे़ चिकित्सकों ने ओपीडी बंद कर राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा ऐतराज जताया। इस दौरान चिकित्सकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही मांगों को लेकर एक ज्ञापन सीएमओ डॉक्टर कुलदीप सिंह को सौंपा। चिकित्सकों ने कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो वे 14 को पूर्ण रुप से हड़ताल पर चले जाएंगे।
सुबह से ही ओपीडी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रतिदिन करीब 80 से 100 मरीजों का उपचार किया जाता है। शायद हड़ताल के कारणों का लोगों को पहले से ही पता चल चुका था। इस कारण करीब 15 बच्चे ही ओपीडी तक पहुंचे हैं। जहां पर उनकी बीमारियों से संबंधित उपचार कर जांच की गई है।
-डॉ. ज्योति प्रकाश, चाइल्ड रोग, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।
दिमागी हालत से लाचार बच्चे मोहित को लेकर शहर के नागरिक अस्पताल में इलाज कराने के लिए राजपुरा से यहां पर आया था। मगर, पता चला कि सभी डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि सभी डॉक्टर ओपीडी में बैठे हैं। पर्ची बनवाई और बच्चे का संबंधित डॉक्टर से इलाज करवाया।
राजपाल, राजपुरा निवासी, पंजाब।
अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में हड़ताल के दौरान खाली पड़ी चिकित्सक की कुसी।- फोटो : Ambala
अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में मरीज को देखते चिकित्सक- फोटो : Ambala
अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में बैठे मरीज।- फोटो : Ambala