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Ambala News: गैजेट की लत से बढ़ रहा अंधेपन का खतरा, रोजाना आ रहे 40 मरीज

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सिटी नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच करवाने पहुंचे मरीज। संवाद
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अंबाला सिटी। मोबाइल और अन्य इलेक्ट्राॅनिक गैजेट की लत बच्चों और युवाओं में अंधेपन का कारण बनती जा रही है। नागरिक अस्पताल के आई ओपीडी में रोजाना करीब 200 मरीज अपना उपचार कराने के लिए आते हैं। इनमें से करीब 30 से 40 मरीज ड्राई आईज के आ रहे हैं। इसके अलावा 10 से 20 बच्चे भी शामिल हैं।
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चिकित्सकाें का कहना है कि इंटरनेट के दौरान रात के अंधेरे में लोग कई घंटाें तक मोबाइल व अन्य गैजेट की स्क्रीन को देखते रहते हैं। इससे आंखें ड्राई हो जाती हैं। ड्राई आंखों में आंसू नहीं आते। इससे अस्थाई तौर पर अंधेपन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गैजेट की स्क्रीन को अधिक समय नहीं देना चाहिए।
अधिक ठंडा कमरा भी खतरनाक
नेत्र विभाग की एचडीओ डॉ. संगीता ने बताया कि कई बार लोग गर्मी से बचने के लिए एसी को अधिक ठंडे तापमान पर चलाते है। लंबे समय तक अधिक ठंडे वातावरण में रहने से भी आंखों में ड्राई आईज की समस्या बन जाती है। इसलिए अधिक ठंडे वातावरण से भी दूरी बनानी चाहिए।
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ब्लू लाइट से आंखों का करें बचाव
डॉ. संगीता ने बताया कि सभी गैजेट जैसे मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर से ब्लू लाइट निकलती है। ब्लू लाइट आंखों की रोशनी के लिए खतरनाक होती है। लगातार ब्लू लाइट पर देखने के कारण आंखों की रेटिना को नुकसान होता है। इसके साथ ही दृष्टि भी धूमिल होती है और केंद्रित नहीं हो पाती। इतना ही नहीं ब्लू लाइट के कारण मोतियाबिंद की समस्या होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है।
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इन उपायों से करें बचाव
-एक घंटा कंप्यूटर या फोन इस्तेमाल करने के बाद आंखों को थोड़ा आराम दें
-बच्चों के लिए टीवी को उचित दूरी पर ही रखें और मोबाइल भी कम ही दें
-रात के समय अंधेरे में मोबाइल फोन या लैपटॉप न चलाएं
-सही रोशनी में ही गैजेट या अन्य उपकरण का इस्तेमाल करें
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