अंबाला सिटी। शिवालिक, अशोक विहार कॉलोनी में वर्ष 25 फरवरी 2012 को सिटी में सबसे पहला भव्य सुंदर पार्क बनाकर शहरवासियों को सौगात दी गई थी। यह पार्क करीब पांच एकड़ में बनाया गया था। पार्क पर करीब 70 लाख खर्च किए गए थे। अब यह पार्क बदहाली पर आंसू बहा रहा है। निजी ठेकेदारों के समय पार्क की व्यवस्था बेहतर ढंग से चलती रही। इसके बाद पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय कॉलोनियों की विभिन्न सोसायटी को सौंपी गई थी।
शिवालिक कॉलोनी के पार्क के रखरखाव के लिए करीब 40 हजार रुपये की राशि हर महीने वेलफेयर सोसायटी को दी जा रही है, लेकिन इसके बाद भी पार्क आज रखरखाव के अभाव में बदहाल हो चुका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में लाइटें खराब पड़ी हैं और बैठने के लिए लगाई गई सीट भी टूटी हुई हैं। शरारती तत्वों की ओर से पार्क में शराब व अन्य प्रकार के नशे का प्रयोग किया जाता है। पूरे पार्क की व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्क की ओर आलाधिकारियों को ध्यान देकर उसका रखरखाव करवाना चाहिए।
फंड की हो जांच
प्रशासन को एक अधिकारी वेलफेयर सोसायटी के साथ नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि वह दिए जाने वाले फंड का हिसाब रख सके। यह एक जांच का विषय भी है। -सोनू कश्यप, स्थानीय निवासी।
कीमती उपकरण हुए गायब
पार्क में दिन के समय माली व रात को चौकीदार तैनात रहता है, इसके बावजूद कीमती उपकरण गायब हैं। वहीं पार्क में एक माली से काम चल सकता है तो दो माली क्यों लगाए गए हैं। -अमन गुप्ता, स्थानीय निवासी।
पार्क में आवाजाही हुई बंद
दिनभर पार्क में शरारती तत्वों की आवाजाही के कारण स्थानीय लोगों ने पार्क में आना जाना बंद कर दिया है और इसी वजह से अपने बच्चों को भी पार्क में जाने से रोक लिया गया है। -देवेंद्र सैनी, स्थानीय निवासी।
पार्क देखने पहुंचते थे लोग
शिवालिक कॉलोनी में भव्य सुंदर पार्क का निर्माण किया गया था, जिसको देखने दूरदराज क्षेत्रों से भी लोग पार्क में पहुंचते थे, लेकिन वर्तमान स्थिति में पार्क बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। -सुनीता चोपड़ा, स्थानीय निवासी
जिम्मेदारी मजबूत हाथों में नहीं
कुछ उपकरण खराब अवस्था में हैं और कुछ गायब हो चुकें हैं। प्रशासन को चाहिए कि पार्क का रखरखाव करने की जिम्मेदारी मजबूत हाथों में दे ताकि पार्क का बेहतर रखरखाव हो सके। -संजय शर्मा, स्थानीय निवासी।
वॉशरूम की सीटें टूटी
पार्क में बने वॉशरूम की सभी सीटें टूटी पड़ी हैं। शरारती तत्व वॉशरूम में पहुंचकर नशे आदि का सेवन कर रहे हैं। सभी सीटें व नल गायब हो चुके हैं। प्रशासन को ध्यान जरूर देना चाहिए। -सागर, स्थानीय निवासी
झूले खस्ताहालत में पहुंचे
किसी समय में पार्क के बीच बहुत सुंदर-सुंदर झूले लगाए गए थे, जिसमें दूरदराज के क्षेत्रों से बच्चे मनोरंजन करने के लिए पार्क में पहुंचते थे, लेकिन आज वह रौनक खत्म हो चुकी हैं। -हरीश मल्हौत्रा, स्थानीय निवासी।
पार्क से भीड़ हुई गायब
पार्क के निर्माण कार्य के दौरान बहुत सुंदर ग्रीनरी का प्रावधान रखा गया था। आज व्यवस्था चरमराई हुई है। सीटें टूट चुकी हैं। इस कारण लगने वाली भीड़ पार्क से गायब हो चुकी है। -सुरेन्द्र खन्ना, स्थानीय निवासी।
शिवालिक कॉलोनी के पार्क में यदि व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। पार्क में किस प्रकार की खामियां हैं, आकलन किया जाएगा। वेलफेयर सोसायटी से बातचीत की जाएगी। -संजीव कुमार, एक्सईएन, नगर निगम, अंबाला।