अंबाला सिटी। गांव बलाना में चार बहनों के इकलौते भाई की रजवाहे में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। करीब 14 वर्षीय गुरप्रीत सिंह दसवीं कक्षा का छात्र था। जानकारी देते हुए मृतक के पिता हरकेश सिंह ने बताया कि मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे गुरप्रीत को किसी काम के लिए दुकान पर भेजा था। वहां से आने के बाद वह यह कहकर गया कि मैं अभी आ रहा हूं, लेकिन करीब चार बजे गांव के गुरुद्वारे से मुनादी हुई कि किसी का बच्चा गांव से बाहर बह रहे रजवाहे में डूब गया है।
जब मौके पर जाकर देखा तो बेटा तो नहीं दिखाई दिया, लेकिन उसकी साइकिल सड़क पर पड़ी थी। उसके बाद रजवाहे पर बने हेड पर कर्मचारियों से पानी रोकने की गुजारिश की। पानी कम होने के बाद कुछ लोगों ने पानी में जाकर पाया कि बेटा दलदल में धंसा हुआ था। उसके बाद बेटे को नागरिक अस्पताल में लेकर आए तो डॉक्टर ने गुरप्रीत को मृत घोषित कर दिया। बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के हवाले के कर दिया गया।
टूट गई बुढ़ापे की लाठी, 5 अक्तूबर को था जन्मदिन
गांव में गुरप्रीत के घर पर मातम का माहौल बना हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हुआ जा रहा है। बहनें एक बार भाई से बात करने की रट लगाए हुए हैं। वहीं अपने लाल को एक बार सामने लाने की बात कहते हुए मां कमलेश कई बार बेहोश हुई, जिसको संभालने के लिए पूरा गांव परिवार को सांत्वना देने में लगा है। वहीं नागरिक अस्पताल में बेटे के पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे पिता हरकेश ने नम आंखों से खुद को संभालते हुए बताया कि इकलौता बेटा मेरे बुढ़ापे का सहारा था वहीं पांच भाई -बहनों में सबसे छोटा था, बड़ी बेटी की करीब डेढ़ साल पहले छत से गिरने के बाद मृत्यु हो गई थी।
रजवाहे पर नहीं कोई निगरानी, पहले भी हो चुके हैं इस प्रकार के हादसे
जानकारी देते हुए गांव के पंच राम चरण ने बताया कि पहले भी इसी प्रकार के हादसे इसी स्थान पर हो चुके हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पंचायत की ओर से इसी को लेकर समय-समय पर गांव में मुनादी करवाई जाती रही है। फिर भी अनदेखी के चलते इस तरह के हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
परिवार अपने बच्चे को लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचा था, अस्पताल चौकी से हमारे पास सूचना मिली थी। परिवार की ओर से किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया गया है। यह महज एक हादसा है,
- सुरेश कुमार, आईओ, एएसआई सदर थाना।