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बाजार हुए गुलजार, कहीं बहार तो कहीं इंतजार

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अंबाला शहर में खरीदारी करते लोग - फोटो : Ambala
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कोरोना काल के बाद इस वर्ष दीपावली पर्व से पहले त्योहारी सीजन में सिटी के बाजारों में रौनक लौट आई है। बाजारों में विभिन्न प्रकार की रंग-बिरंगी लड़ियां, बिजली के दीये, कलरफुल बल्ब, धार्मिक देवी-देवताओं की मूर्तियां व कलरफुल गिफ्ट आइटम दिखाई दे रहे हैं। वहीं अब बाजारों में स्वदेशी उत्पाद छाए हुए हैं, जोकि क्वालिटी व काफी अच्छे और सुंदर हैं। पुराने सिविल चौक स्थित मार्केट में मिट्टी के दीये व अन्य उत्पाद बेचें जा रहे हैं।
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मानव चौक स्थित गिफ्ट गैलरी के संचालक अशोक सचदेवा ने बताया कि कई वर्षों से चाइना के उत्पाद बेच रहे थे, लेकिन अब ज्यादातर ग्राहक उत्पादों की शिकायत कर रहे हैं। जब से स्वदेशी सामान मार्केट में आया है तब से दुकानदार व ग्राहक दोनों संतुष्ट हैं।
चाइना के उपकरणों ने किया धंधा चौपट
पिछले करीब 35 वर्षों से यहां पर काम कर रहे हैं। ग्राहकों के लिए सुंदर दीये, मटके, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, फैंसी करवे व अहोई पूजन आदि का सामान बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। जब से मार्केट में चाइना के उपकरण आए थे तब से उनका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया था। पुराने समय में मिट्टी के दीये व अन्य सामान स्थानीय स्तर पर ही तैयार किया जाता था। आजकल दीये व दूसरा सामान सहारनपुर, दिल्ली, कोलकाता, गुजरात आदि जगहों पर तैयार होकर अंबाला के बाजारों में पहुंच रहा है।
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योगराज सिंह, दुकानदार।
स्वदेशी उपकरणों की तरफ बढ़ रहा मोह
अब चाइना के उपकरणों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग चुका है और स्वदेशी उपकरणों का दौर चल रहा है। ग्राहक भी देशहित में चाइना के उपकरणों से परहेज करने लगे हैं। उनका स्वदेशी सामान की तरफ मोह बढ़ रहा है। अब स्वदेशी उपकरण अच्छी क्वालिटी में आ रहे हैं और ग्राहकों को भी पसंद आ रहे हैं। बिजली उपकरणों की बात की जाए तो उत्तराखंड, अहमदाबाद, कानपुर, बैंगलोर, करनाल व बद्दी आदि क्षेत्रों में इन उपकरणों की कंपनियां चल रही हैं। दीपावली के मौके पर मार्केट में स्वदेशी सामान की धूम है।
सुधीर कुमार, इल्केट्रिकल संचालक
स्वर्ण के कारोबार में नहीं तेजी
त्योहारी सीजन के चलते बाजार में रौनक हो सकती है, लेकिन स्वर्ण के कारोबार में खास बदलाव नहीं आया। इन दिनों स्वर्णकारों के पास ग्राहकों के ऑर्डर बुक होते थे। ग्राहक अपनी पसंद से लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियों का ऑर्डर करते थे। शादी सीजन को देखें तो स्वर्ण कारोबार में 60 प्रतिशत की कमी आई है। इसका मुख्य कारण सोने के दामों में भारी वृद्धि होना है। वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन झेल चुके लोग महंगाई के कारण अपने रोजमर्रा की जरूरतों के खर्चों से उभर नहीं पर रहे हैं।
प्रदीप वर्मा, स्वर्णकार।
बंद किए चाइना के उत्पाद
जब से लॉकडाउन लगा था, तब से चाइना के उत्पादों को बेचना बंद कर दिया था। हम लोग स्वदेशी में विश्वास रखते हैं और ग्राहक भी स्वदेशी उत्पाद खरीदना पसंद करता है। पहले गिफ्ट गैलरी में बच्चों के खिलौने आदि बेचे जाते थे, जोकि चाइना के होते थे। लेकिन आज स्वदेशी बेच रहे हैं। फिरोजाबाद, कोलकाता से क्रॉकरी की वैरायटी आ रही है। मेरठ व गुजरात से धार्मिक मंदिर आदि से संबंधित उत्पाद आ रहे हैं। यह सभी स्वदेशी उत्पाद ग्राहकों को बहुत पसंद आ रहे हैं।
अशोक सचदेवा, गिफ्ट गैलरी संचालक।

अंबाला शहर में सामान की खरीदारी करते लोग- फोटो : Ambala

अंबाला सिटी के सिविल अस्पताल मार्कीट में मिट्टी के बर्तनों बारे जानकारी देता दुकानदार।- फोटो : Ambala

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