फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिलिंडर से गैस लीक होने पर लगी आग, मचा हड़कंप

विज्ञापन
विज्ञापन
छावनी के पटेल नगर स्थित एक गैस गोदाम में पड़े सिलिंडरों के ढेर में से कुछ में आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिसमें आग लगी वो करीब 50 खाली सिलिंडरों के ढेर में पड़ा हुआ था। जैसे ही गोदाम में काम करने वालों ने सिलिंडर में से आग निकलते देखी तो हड़कंप मच गया। फायर सेफ्टी यंत्रों के माध्यम से कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। देखते ही देखते स्थानीय लोगों का भी जमावड़ा लग गया। दमकल विभाग की एक गाड़ी भी मौके पर पहुंची और गोदाम का जायजा लेने के बाद आग लगने वाले सिलिंडरों पर भी पानी की बौछार की। साथ ही जिन खाली सिलिंडरों में से गैस की लीकेज हुई, उन्हें भी दूर कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि भरे सिलिंडरों में यह आग नहीं लगी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। बता दें कि करीब 400 सिलिंडरों की स्टोरेज वाला यह गोदाम है। भरे हुए सिलिंडर गोदाम के भीतर पड़े हुए थे और खाली का ढेर गोदाम परिसर में लगा हुआ था। घरेलू तो कुछ कमर्शियल सिलिंडर थे।
विज्ञापन

गोदाम मालिक रविंद्र का कहना था कि खाली सिलिंडरों में कुछ गैस होती है और घर से लाते समय किसी सिलिंडर पर कैप नहीं लगी होती। गर्मी के अंदर सिलिंडर गिर गया होगा और अचानक उसमें से निकली गैस से आग लग गई। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था।
शनिवार को गैस गोदाम में लगी आग पर भले ही समय रहते काबू पाकर बड़ा हादसा टल गया हो लेकिन देखा जाए तो अधिकतर गैस एजेंसियों के गोदाम रिहायशी इलाकों में ही चल रहे हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में सिलिंडर ट्रकों में लोड होकर इन्हीं रिहायशी इलाकों के बीच से आते हैं और यहीं से गुजरते हैं। बावजूद जिला प्रशासन की तरफ से इन गैस गोदामों को शहर से बाहर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। गोदाम मालिकों की बात करें तो वो यह कहकर पल्लाझाड़ लेते हैं कि उनके पास पुख्ता बंदोबस्त है। पहले गोदाम बनाया तो संबंधित इलाकों में लोगों की रिहायश न के बराबर थी जो अब बढ़ गई है।
विज्ञापन

जिलेभर में घरेलू और व्यवसायिक सिलिंडर को मिलाकर जिलेभर में करीब 3 लाख सिलिंडर लगते हैं। अंबाला जिले में कुल 29 एजेंसियों से घर-घर सिलिंडर पहुंचाए जाते हैं। इसमें 26 एजेसियां शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जबकि 3 एजेसियां सैन्य क्षेत्र में स्थापित हैं। जिले भर में कुल करीब ढाई लाख घरेलू कनेक्शन है इसके अलावा 20 से 25 हजार व्यावसायिक सिलिंडर का भी प्रयोग होता है। एक-एक गोदाम में करीब करीब 8 से 9 हजार तक सिलिंडर पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है और इतना स्टॉक गोदाम में होता है।
वैसे तो गोदाम रिहायशी इलाके के बाहर होने चाहिए। गोदाम मालिक फायर एनओसी दिखा देते हैं। गोदाम को बाहर करने का काम केवल दमकल विभाग का नहीं बल्कि जिला प्रशासन की भी अहम भूमिका होती है।
विज्ञापन

टीआर पालीवाल, फायर सेफ्टी ऑफिसर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें