अंबाला। खिलाड़ी कभी हारता नहीं है। खिलाड़ी की हार उसे बहुत दूर ले जाने का काम करती है। मंजिल उसी को मिलती है जो हारकर जीतता है। राज्य खेलमंत्री संदीप सिंह ने जीएमएन कॉलेज में खेलो हरियाणा प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। इससे पहले राज्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर खेलों का शुभारंभ किया और खिलाड़ियों को शपथ भी दिलवाई।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पुराने समय की याद आ गई। वर्ष 1997 में पहली बार उन्हें कुरुक्षेत्र जिले की तरफ से पहली बार राज्यस्तर पर खेलने का मौका मिला था और उस समय नेशनल के लिए पहली टीम बनी थी। दो सप्ताह का कैंप फारूखा खालसा स्कूल में लगा था। 1966 से लेकर 1996 तक हॉकी की टीम कभी स्कूल खेल में नेशनल में हरियाणा की टीम नहीं पहुंची थी। यह ऐसा मौका था जब हॉकी की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी और यह प्रतियोगिता जम्मू में हुई थी। इस दौरान विधायक असीम गोयल ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने उपस्थित सभी खिलाड़ियों को कहा कि अगर आप असफल हो रहे हैं तो खेल मंत्री संदीप सिंह के जीवन पर आधारित ‘सूरमा’ फिल्म को जरूर देखें। जिसमें उन्होंने जो संघर्ष किया है उससे आपको प्रेरणा मिलेगी।
13 जिलों में हॉकी के लिए बनाया गया एस्ट्रोट्रर्फ
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में खिलाडिय़ों को डाइट के तौर पर 150 रुपये की राशि मिलती थी, बाद में यह 250 रुपये बढ़ाकर 400 रुपये किए गए। हॉकी के खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार क्या अतिरिक्त व्यवस्थाएं कर रही है, प्रश्न पर खेलमंत्री ने कहा कि हॉकी खिलाड़ियों को ही नहीं हर खेल को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं। हॉकी से संबंधित 13 जिलों में एस्ट्रोट्रर्फ बनाने का काम किया गया है। अन्य जगहों पर भी इस कार्य को किया जायेगा। अंबाला की बात करें तो यहां पर करोड़ों रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबाल खेल स्टेडियम व आल वेदर स्वीमिंग पुल का निर्माण किया जा रहा है।
योग की प्रस्तुति के बाद भंगड़े की प्रस्तुति ने मोहा मन
खेलो हरियाणा प्रतियोगिता में योग फेडरेशन अंबाला छावनी के बच्चों ने योग की प्रस्तुति की। बच्चों ने भंगड़ा प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। खेलों के शुभारंभ पर मुख्यातिथि ने रंग-बिरंगे गुब्बारे हवा में छोड़े। इससे पहले गुरुग्राम की टीम ने मार्चपास्ट निकाला।
10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
खेलो हरियाणा के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं प्रदेश में छह केंद्रों पर हो रही हैं। इनमें 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का खेलो इंडिया में चयन होगा। -पंकज जैन, खेल निदेशक।