माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अंबाला कैंट को प्रशासनिक उपमंडल का दर्जा मिले लगभग 9 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं लेकिन यहां न्यायिक अदालतें अभी तक स्थापित नहीं हो पाई हैं, जिसके कारण अंबाला कैंट के लोगों और 225 अधिवक्ताओं को कोर्ट से जुड़े मामलों के लिए 15 किलोमीटर दूर अंबाला सिटी जाना पड़ता है।
हरियाणा सरकार ने 30 नवंबर 2016 को अंबाला कैंट की सीमाओं में बदलाव कर कैंट तहसील को एक अलग उपमंडल के रूप में अधिसूचित किया था। अंबाला कैंट की बार एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार कैंट में अदालत की मांग भी कर चुके हैं, मगर अभी तक यह मांग पूरी नहीं हुई है, जबकि अंबाला कैंट में अंग्रेजों के शासनकाल में अदालतें हुआ करती थीं। मगर अब लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
तहसील के पास नोटरी और अधिवक्ताओं की अस्थायी जगह : अंबाला छावनी की तहसील के पास नोटरी और अधिवक्ताओं को बैठने के लिए अस्थायी जगह दी गई है। मगर यहां वह टीन शेड के नीचे गुजर बसर चला रहे हैं। बारिश आंधी में इन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अंबाला कैंट बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान पुनीत सिरपौल ने बताया कि तहसील का काम काज आने से नोटरी अधिवक्ताओं का गुजारा हो जाता है पर अन्य अधिवक्ताओं को सिटी भी जाना पड़ता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में हाईकोर्ट में अंबाला कैंट में अदालत बनाने को लेकर प्रस्ताव दिया था।