अंबाला। नशा तस्करी के लिए ट्रेनों का सहारा लिया जा रहा है। आरोपी ट्रेनों को इसके लिए आसान जरिया समझते हैं। जिसे लेकर जीआरपी भी सतर्क है। पिछले डेढ़ माह में जीआरपी ने ऐसे कुछ मामले पकड़े हैं, जिसमें साढ़े तीन लाख से अधिक का नशा जब्त किया गया है। सभी आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं, जो राजस्थान, बिहार व उतर प्रदेश से नशा लेकर आ रहे थे।
उल्लेखनीय है कि एक ट्रक चालक सहित अन्य लोग नशा तस्करी में पकड़े गए थे। जो पैसों के लालच में नशे का सामान लाकर पंजाब और हिमाचल के अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचाने का काम कर रहे थे। इनसे पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ था कि नशा तस्कर मानते हैं कि मादक पदार्थों को लाने का सबसे सरल व सुरक्षित जरिया ट्रेनें हैं, क्योंकि इनमें चेकिंग की संभावनाएं कम रहती हैं। इसलिए वे ट्रेनों के जरिए नशा सप्लाई कर मोटी कमाई कर लेते हैं। जीआरपी ने नशा तस्करों के खिलाफ अक्तूबर और नवंबर माह में 7 मुकदमे दर्ज किए और 3 लाख 90 हजार 400 रुपये का चूरा पोस्त, गांजा और शराब बरामद की। इन मामलों में कुछ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, वहीं अन्य की तफ्तीश जारी है।
ये हैं मामला
- जीआरपी ने ट्रेन से लगभग 21 हजार रुपये की लावारिस शराब को बरामद किया। मामला 8 अक्तूबर का है। यह लोहे के एक बक्से में थी। इसी प्रकार एक अन्य मामले में भी 2400 रुपये की शराब पकड़ी गई थी।
- 13 अक्तूबर को जीआरपी ने 1 लाख 20 हजार रुपये का 25.20 किलो चूरा पोस्त बरामद किया। मामले में दो आरोपियों को रेलवे यार्ड से पकड़ा गया। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से चूरा पोस्त लेकर आते थे और इसे पंजाब में बेचते थे।
- जीआरपी की सीआईए टीम ने शक के आधार पर ट्रेन नंबर 04673 शहीद एक्सप्रेस से उतरे यात्री को काबू किया तो उसके कब्जे से 70 हजार रुपये का 8 किलो 370 ग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपी ने बताया कि वह गांजे को बेचने के लिए ही अंबाला आया था। 17 अक्तूबर को मामला दर्ज किया गया।
- पंजाब से ट्रक लेकर बिहार गया व्यक्ति भी नशा तस्करी में संलिप्त पाया गया था। मामला 20 अक्तूबर का है। स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी ने जब शक के आधार पर एक व्यक्ति से पूछताछ की तो उसके कब्जे से 45 हजार रुपये का 8 किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पंजाब की फैक्ट्री में तैयार ट्रक व ट्रैक्टर को लेकर बिहार व यूपी जाते हैं और वापसी में चूरा पोस्त साथ ले आते हैं क्योंकि वहां चूरा पोस्त सस्ता मिलता है और पंजाब में इसके अच्छे पैसे मिल जाते हैं।
- ट्रेन नंबर 04649 सरयू यमुना स्पेशल से भी जीआरपी ने चूरा पोस्त बरामद किया था। घटना 8 नवंबर की है। चेकिंग के दौरान टीम जब ट्रेन में थी तो यात्री सीट के नीचे एक लावारिस पोटली को बरामद किया। पोटली को खोलकर चेक किया गया तो इसके अंदर से 32 हजार रुपये का 8 किलो चूरा पोस्त बरामद हुआ।
- रेलवे स्टेशन पर साधु के वेश में बैठे व्यक्ति की शक के आधार पर जब जीआरपी ने तलाशी ली तो उसके पास से 19 किलो 200 ग्राम चूरा पोस्त निकला। मामला 18 नवंबर का है। आरोपी का एक साथी मौके से फरार हो गया
टीमें तैनात
नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए जीआरपी की अलग-अलग टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं। कुछ आरोपी पकड़े गए हैं जो अब जेल में हैं। ट्रेनों के जरिए होने वाली तस्करी पर लगाम लगाने के लिए जीआरपी पूरी तरह से प्रयासरत है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
- धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी थाना।