कोरोना और ओमिक्रॉन महामारी के तेजी से प्रसार के बीच आमजन की चिंता बढ़ने वाली है। हरियाणा राजकीय चिकित्सा सेवाएं संघ ने कहा कि अगर सोमवार तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तो वे कल यानी मंगलवार को ओपीडी बंद करके सांकेतिक हड़ताल रखी जाएगी। तत्पश्चात अगले चरण के रूप में 14 जनवरी से आपातकालीन, पोस्टमार्टम सहित सभी प्रकार की चिकित्सा सेवाओं को अनिश्चितकाल तक बंद कर दिया जाएगा।
संघ के जिला प्रधान डॉ. मुकेश और सचिव डॉ. बीरबल सिंह ने बताया कि राज्य में गुणवत्ता परक चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करने के लिए लगभग दो हजार विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता है। इसके विपरीत केवल 700 विशेषज्ञ चिकित्सक ही सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं। गत दिनों सरकार व संघ के बीच कई दौर की वार्ता चली थी। इसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सभी मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए शीघ्र औपचारिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद संघ ने दिसंबर में हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की थी। मगर, विभाग द्वारा मुख्यमंत्री हरियाणा को प्रस्ताव भेजने के बावजूद इस पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अत: संघ अपनी स्पेशलिस्ट काडर बनाने, पीजी पॉलिसी में बदलाव और एसएमओ की प्रत्यक्ष भर्ती पर रोक लगाने आदि न्याय संगत व लंबित मांगों को लेकर हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाने को विवश है। इस मौके पर डॉ. प्रतीक शर्मा एसएमओ बराड़ा, डॉ. कुलदीप एसएमओ मुलाना और डॉ. विजय वर्मा सहित संघ के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।