श्री गोविंद गोशाला के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के पांचवें दिन श्री कृष्ण बाल स्वरूप लीलाओं का वर्णन हुआ। कथावाचक यशोदा नंदन महाराज ने प्रवचन करते हुए भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला, माखन चोरी, गाय पालने के उद्देश्य से सखाओं के संग गायों के पीछे वन तक नंगे पैरों जाना व गौ चारण के समय बांसुरी वादन का वर्णन किया। दूरदराज से भक्तों ने शामिल होकर कथा का आनंद लिया और महाराज के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया।
इसके अतिरिक्त कालिया नाग का उधार व गोवर्धन भगवान पूजा, बृज लीला का वर्णन किया। महाराज ने बताया कि गाय की सेवा करने से जीवन में शुद्धता का विकास होता है। गाय के शरीर में 33 कोटि देवता का निवास होता है। हम सब अपने घरों से पहली रोटी गाय को दें, गौ गंगा गायत्री की सभी पूजा करें। 56 भोग अर्पण किए। इस मौके पर श्री गोविंद गोशाला के प्रधान राजेश सिंगला, उपप्रधान प्रमोद जैन, विजय चौहान, श्रवण गोयल, अशोक बंसल, बृज मोहन, एडवोकेट अंकित जयसवाल, जोहर शर्मा आदि मौजूद रहे।