अंबाला शहर। डीजल के कारण रोडवेज विभाग अंबाला को लाखों का चूना लग गया। डिपो में डीजल की सप्लाई इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पानीपत से हो रही थी। जिसके दाम में अंतर मिलने के बाद वहां से सप्लाई रोक दी गई। अब विभाग ने 80 बसों में निजी पेट्रोल पंप से डीजल भरवाने के लिए समझौता किया है। इसकी एवज में निजी पंप संचालक ने 2 रुपये 47 पैसे की छूट भी दी है।
बता दें कि कई वर्षों से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पानीपत से डीजल की सप्लाई हो रही थी। जैसे ही रोडवेज जीएम को सरकार द्वारा निर्धारित स्थान से महंगा डीजल मिलने का पता चला तो पत्राचार कर आलाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया। हाईकमान से अनुमति मिलने के बाद अब अंबाला डिपो की बसों में शहर हिसार रोड स्थित दुर्गा नगर के पेट्रोल पंप से नियमित तौर पर डीजल डलवाया जा रहा है।
दरअसल, अंबाला डिपो से डीजल के दामों में भारी अंतर को लेकर पहला पत्र 8 मार्च 2022 को लिखा गया था। हाईकमान को पूरे मामले की जानकारी दी थी। दोबारा 16 मार्च को पत्र लिखा गया। उस समय उन्हें 86.53 रुपये में मिलने वाला दूसरे पंपों से महंगा मिल रहा था। अंबाला डिपो को प्रति लीटर डीजल के दामों में भारी अंतर दिखा। सरकारी आदेश आने के बाद निजी पेट्रोल पंप संचालकों से कोटेशन मांगी गई। 10 लोगों की कोटेशन के बाद डीजल के दाम में सबसे ज्यादा छूट शहर के दुर्गा नगर पेट्रोल पंप ने दी। 2 रुपये 47 पैसे प्रति लीटर छूट मिलने के बाद दोनों के बीच समझौता हो गया।
पांच सदस्य कमेटी ने लिया निर्णय
अलग-अलग पेट्रोल पंप की कोटेेशन आने के बाद अंबाला डिपो की ओर से पांच सदस्य कमेटी का गठन किया गया। पहले दिन ट्रायल के तौर पर पांच बसों में डीजल डलवाया गया। विभाग की माने तो निजी पंप पर धांधली को रोकने के लिए एक निगरानी कमेटी का गठन किया गया है। सुपरवाइजर सहित तीन कर्मचारियों की नियमित तौर पर ड्यूटी लगाई गई है जो डीजल की गुणवत्ता की जांच कर निगरानी रखेगी।
निजी पंप से डीजल सस्ता मिलने के बाद इस मामले का पता चला था। पांच सदस्य कमेटी की मौजूदगी में अलग-अलग निजी पेट्रोल पंप से कोटेशन मांगी गई थी।
-संदीप आहुजा, डीजल पंप इंचार्ज हरियाणा रोडवेज डिपो
दुर्गा नगर पेट्रोल पंप से 80 बसों में डीजल डलवाया जा रहा है। नियमित तौर पर जांच के लिए निगरानी कमेटी बनाई गई है जो निरंतर मौजूदगी में बसों में डीजल डलवाती है।
-एमके शर्मा, वर्कशॉप मैनेजर, हरियाणा रोडवेज डिपो
डीजल महंगा मिलने का पता चलने के बाद सरकार से पत्राचार किया गया। निर्देशों के बाद ही निजी पेट्रोल पंप के साथ समझौता कर 80 बसों में डीजल डलवाया जा रहा है।
-अश्वनी डोगरा, जीएम हरियाणा रोडवेज