क्षेत्र में हुई भारी बरसात के कारण गेहूं सहित अन्य फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। इस कारण किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। बरसात के दो दिन बाद भी खेतों में पानी भरा हुआ है। हालात यह हैं कि मेहनत पर पानी फिरने के कारण किसान खेतों में जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि मानो उनका सब कुछ खत्म हो गया है।
कृषि अधिकारियों का कहना है कि फसल खराब होने के कारण किसानों को नुकसान हुआ है। उनके अनुसार क्षेत्र में करीब तेरह सौ हेक्टेयर में खड़ी फसल प्रभावित हुई है। क्षेत्र के किसान शक्ति सिंह, रविंद्र सिंह राजपाल सिंह, मायाराम, राकेश कुमार, सुमेरचंद, रकम सिंह व विक्रान्त सिंह का कहना है कि भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। जिससे काफी फसल खराब हो चुकी है। बरसात बंद हुए दो दिन हो चुके हैं, लेकिन खेतों से अभी तक पानी नहीं निकला है। उन्होंने बताया कि पानी जल्दी नहीं निकलता तो जो फसलें बची हैं, वह भी खराब हो जाएंगी।
फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। क्षेत्र में करीब तेरह सौ हेक्टेयर में खड़ी फसल प्रभावित हो चुकी है। इसमें गेहूं की करीब 1230 हेक्टेयर और सरसों व तोड़िया की करीब 70 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसका डाटा उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
-ललित शर्मा, ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक, कृषि विभाग, बराड़ा