फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेशकीमती जमीन बनी हत्या की जड़

विज्ञापन
विज्ञापन
राजेश शांडिल्य
विज्ञापन

अंबाला। बेशकीमती जमीन के विवाद ने बुधवार सुबह गांव केसरी वासी 67 वर्षीय जमींदार प्यारा सिंह ढींडसा की जान ले ली। अपने छह भाइयों में सबसे बड़े प्यारा सिंह की हत्या का गंभीर आरोप उनके चौथे नंबर के भाई प्रेम सिंह के अविवाहित पुत्र गुरतेज सिंह पर लग रहे हैं। गुरजेत सिंह पर आरोप है कि उसने अपने ताया को खेत में ट्रैक्टर तले रौंद दिया। बता दें कि छह भाइयों में सबसे छोटे भाई की मौत निहंग बनने के कुछ समय बाद हो गई थी। उसके हिस्से की जमीन के विवाद में उनके सबसे बड़े भाई की हत्या कर दी गई।
हालांकि, सबसे छोटे भाई का हिस्सा उसकी माता बलवंत कौर के नाम चढ़ने के बाद उनके अन्य बेटों में समान रूप से बंटवारा हो चढ़ चुका था। मृतक प्यारा सिंह की धर्मपत्नी और पुत्री गुरमीत कौर ने अमर उजाला को बताया कि गांव केसरी में मेन रोड से सटी करीब पौने एकड़ जमीन के अलावा अलग अलग जगहों पर उनके परिवार की साझी जमीन है। सभी भाइयों के हिस्से में करीब 6-6 एकड़ जमीन आती है। इनमें सबसे कीमती जमीन गांव केसरी की बताई गई है। यहां जमीन की कीमत सवा करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये एकड़ बताई गई है।
विज्ञापन

दरअसल, यह जमीन एक मैरिज पैलेस से सटी है और इसके सामने मार्केट है। वहीं, इस जगह से स्टेट हाईवे भी महज सौ से 150 मीटर की दूरी पर है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि मार्च महीने में कानूनगो और पड़ोस के कुछ लोगों की मौजूदगी में गांव केसरी वाली इस जमीन की निशानदेही कराई गई थी। जिसके हिस्से में जो रकबा आया, वहां किले गाड़े गए थे। जिन्हें कुछ समय पहले हटा दिया गया था। मृतक प्यारा सिंह ढींढसा का परिवार इस विवाद की जड़ प्रेम सिंह की पत्नी गुरमेल कौर और उसके भाई गांव खनपुरा के पूर्व सरपंच जगजीत सिंह को बता रहे हैं।
मृतक के परिवार का कहना है कि प्रेम सिंह का साला भाइयों में अड़चन डाल रहा था। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार प्रेम सिंह का परिवार को जमीन का बंटवारा होने के बाद अन्य दूसरे के हिस्से वाली जमीन पर खेती करने से रोका जा रहा था। इसके बावजूद प्रेम सिंह का पुत्र बुधवार को सुबह आठ बजे यहां फसल बोने के लिए जमीन पर ट्रैक्टर चला रहा था।
डेरे पर रहता है परिवार
गांव केसरी में बाहरी एरिया में हाईवे से महज 200 मीटर की दूरी पर जट्ट सिख ढींडसा परिवार का डेरा है। जहां हत्या हुई, उसके निकट ही प्रेम सिंह और उनका परिवार और दूसरे घर में उनके भाई का परिवार रहता है। दूसरे छोर पर प्यारा सिंह और उनका परिवार रहता है। वे छह भाई थे। इनमें प्यारा सिंह सबसे बड़, उनके बाद मनजीत सिंह, हरभजन सिंह, प्रेम सिंह, गुरचरण सिंह और सबसे छोटा भाई जय सिंह था।
विज्ञापन

परिवार फरार, मवेशी पीछे से भूखे प्यासे
बताया गया है कि वारदात के बाद गुरतेज को उसका मामा पूर्व सरपंच जगजीत सिंह अपने साथ ले गया था, जबकि प्रेम सिंह और उनकी पत्नी बाद में कहीं चले गए। वहीं, बाड़े में बंधी भैंसों की खुरली चारे के बिना खाली दिखी और भीषण गर्मी में पशु भूखे प्यासे बाड़े में बंधे दिखाई दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें