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कोरोना में छूटा था अभ्यास, कठिन परिश्रम से बनाया स्थान

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अंबाला। तैराकी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों में मेडल हासिल करने का जुनून इस कदर है कि प्रतियोगिता से पहले बेहतरीन खिलाड़ियों की वीडियो देख रहे हैं। मकसद केवल इतना है कि गेम पर फोकस रहे और पूल में उतरते ही जीत का झंडा गाड़ दें। खिलाड़ियों का कहना है कि पहले ही कोरोना ने उनकी खुद की गेम पर काफी असर डाला है। उसमें लौटने के लिए काफी संघर्ष किया है। उम्मीद है तो केवल मेडल आने की।
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यह पहला खेलो इंडिया है। खेलने के लिए काफी मेहनत की थी। कोरोना काल में काफी परेशानी उठानी पड़ी। स्वीमिंग पूल शुरू होने के बाद दोबारा घंटों मेहनत कर क्वालीफाई किया है।
कृष्ण प्रणव, तमिलनाडू
गेम पर फोकस बना रहे तो शानदार प्रदर्शन होता है। इसलिए वह मोटिवेशनल वीडियो का भी सहारा लेते हैं ताकि उनका ध्यान डायवर्ट न हो। सीनियर कोच से टिप्स पर चर्चा करते हैं।
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सुभोजीत, वेस्ट बंगाल
2019 में खेलो इंडिया में सिल्वर मेडल जीता था। 2020 में गुहाटी में होने वाली गेम्स में चार गोल्ड व दो सिल्वर जीते थे। मेहनत इतनी की है कि दोबारा गेम में वापस आ गया हूं।
अनीष एसगोडा, कर्नाटक
2020 की स्वीमिंग गेम्स में एक गोल्ड व एक सिल्वर मेडल हासिल किया था। दो घंटे की जगह पांच से छह घंटे तक अभ्यास कर खेलो इंडिया के लिए क्वालीफाई किया है। अब मेडल का इंतजार है।
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रियान बालक कृष्णा, कर्नाटक
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