Players practicing for 8 hours to make a place in Khelo India
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। खेलो इंडिया में जगह बनाने के लिए खिलाड़ी दिन-रात मेहनत करते हुए पसीना बहा रहे हैं। खेलो इंडिया में जीत के साथ जगह मिल सके। इसके लिए खिलाड़ी आठ घंटे तक अभ्यास कर रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है हमेशा से ही हर खिलाड़ी का लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक पर निशाना साधना होता है, लेकिन उस एक पदक को हासिल करने से पहले बहुत से पड़ावों से होकर गुजरना पड़ता है।
जैसे दुनिया के लिए ओलंपिक सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है उसी तरह भारत के लिए खेलो इंडिया ओलंपिक है, जिमसें स्वर्ण पदक हासिल करना भी किसी ओलंपिक से कम नहीं है। इसीलिए हम अपनी ओर से जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं, जिससे कि स्वर्ण पदक हासिल किया जा सके।
हम सुबह चार घंटे और शाम को चार घंटे तक बैडमिंटन का अभ्यास करते हैं। यह तो खेलो इंडिया में भाग लेते हुए स्वर्ण पदक हासिल करने का पहला पड़ाव है, जो हमने जिला स्तर पर स्थान हासिल किया है। इसके बाद हमें खेलो हरियाणा में भी प्रथम स्थान हासिल करना पड़ेगा, तभी खेलो इंडिया तक पहुंचेंगे।
- हरिकेश, खिलाड़ी।
हम अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहे हैं। एक दिन में आठ घंटे मैदान पर ही बिताते हैं, जिससे कि हम अपने खेल में बाकियों से अधिक सुधार कर सकें। खेलो हरियाणा के तहत चयन हो गया है तो हमारा मुकाबला अन्य जिलों के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ होगा। जिनसे हमें जीतना है।
- गर्विता, खिलाड़ी।
खेलो हरियाणा के लिए हुए ट्रायल में ही जगह बनाना कोई आसान नहीं था, क्योंकि हमारे सामने बहुत से खिलाड़ी थी, जिन्हें हराते हुए अपनी खेलो हरियाणा के लिए जगह बनाई है। अब पूरा अभ्यास कर रहे हैं कि खेलो इंडिया में भी हम अपना स्थान बनाते हुए पदक हासिल कर सकें।
- अमनप्रीत, खिलाड़ी।