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दो महीने से नहीं मिली पेंशन, बुजुर्गों ने डाकघर के बाहर काटा बवाल

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गांव तदंवाल स्थित डाकघर के बाहर रोष् प्रदर्शन करते बुजुर्ग। - फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। करीब दो महीने से पेंशन नहीं मिलने के कारण बुजुर्गों ने सोमवार को तंदवाल के डाकघर के बाहर जमकर बवाल काटा। बुजुर्गों ने डाक विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। उनका कहना है कि कई बुजुर्ग पेंशन पर ही निर्भर रहते हैं। पेंशन न मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है।
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एक बुजुर्ग ने बताया कि उनको दवाइयां आदि की खरीदारी करनी होती है। पेंशन न मिलने के कारण दवाई लेने में भी देरी हो जाती है। डाकघर के कर्मचारी भी सही समय पर पेंशन का वितरण नहीं कर रहे हैं। वे बुजुर्गों के चक्कर कटवा रहे हैं। इसी परेशानी के चलते बुजुर्गों को डाक विभाग व सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करना पड़ा है। बुजुर्गों का कहना है कि डाकघर कर्मचारियों को चाहिए कि सही समय पर सभी बुजुर्गों को पेंशन वितरण करें, ताकि बुजुर्ग पेंशन से दवाइयां और अन्य जरूरतों को सही समय पर पूरा कर सकें। दूसरी ओर, परेशानी यह है कि तंदवाल के डाकघर में सिर्फ एक कर्मचारी तैनात है। वह ज्यादातर समय डाकघर से बाहर डाक आदि बांटने में व्यस्त रहता है। वह तीन गांवों समेत 14 डेरों का कार्य देख रहा है।
इस अवस्था में ज्यादातर बुजुर्गों को कोई न कोई परेशानी रहती है। इस कारण बुजुर्गों को दवाइयां आदि लेनी पड़ती हैं, लेकिन पेंशन सही समय पर न मिलने के कारण दवाइयों लेने में भी देरी हो जाती है। इस कारण बुजुर्ग ज्यादा परेशान चल रहे हैं। डाकघर कर्मचारियों को चाहिए कि सही समय पर पेंशन वितरण करें।
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-मेघ सिंह, पेंशन उपभोक्ता, डाकघर तदंवाल, अंबाला।
60 प्रतिशत बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनको पेंशन नहीं मिली है। वे डाकघर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन डाकघर में मात्र दो से ढाई घंटे ही कर्मचारी ड्यूटि दे रहा है। विभागीय काम होने के कारण वह डाकघर में ज्यादा समय नहीं दे पा रहा है। इस कारण लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
- भगाराम, पेंशन उपभोक्ता, डाकघर तंदवाल, अंबाला।
गांव तंदवाल के डाकघर में करीब तीन गांवों के लोगों की पेंशन मिलती है। यहां तैनात कर्मचारी सुबह करीब 11 बजे कार्यालय पहुंचता है। उसे डाक घर के अन्य कार्य भी करने होते हैं। विभाग को चाहिए कि लोगों की परेशानी को देखते हुए यहां कर्मचारी तैनात करे, ताकि कोई दिक्कत न हो सके।
- लीला राम जोगी, पेंशन उपभोक्ता, डाकघर तंदवाल, अंबाला।
करीब दो महीने से पेंशन नहीं मिल पाई है। बुढ़ापे में पेंशन एक संजीवनी बूटी का काम करती है। सरकार व डाक विभाग को चाहिए कि बुजुर्गों को सही समय पर पेंशन देने का प्रावधान करे। यदि डाकघर में स्टाफ की कमी है तो उसे तुरंत प्रभाव से पूरा करे, ताकि बुजुर्गों को सही समय पर पेंशन मिल सके।
- केहर सिंह, पेंशन उपभोक्ता, डाकघर तंदवाल, अंबाला।
विभागीय आदेशानुसार रोजाना सुबह डाकघर पहुंचता हूं। जहां लोगों के लेन-देन से संबंधित कार्यों सहित पेंशन वितरण का काम भी किया जा रहा है। वहीं विभागीय कार्य भी देखने पड़ते हैं। दूसरी ओर, डाकघर से छह गांवों सहित करीब 14 डेरे जुड़े हुए हैं। जहां संबंधित क्षेत्र में डाक आदि पहुंचाना भी उसका काम है। साथ ही गांव तदंवाल, तंदवाली व चहल माजरा के लोगों की पेंशन का वितरण भी किया जा रहा है। तीनों गांवों की करीब 500 से 600 लोगों की पेंशन प्रति महीना वितरित की जाती है। जल्द ही विभाग की ओर से यहां कर्मचारी तैनात करने की कवायद चल रही है।
- रूपचंद सैनी, डाक शाखा इंचार्ज, गांव तंदवाल।
गांव तंदवाल के डाकघर में स्टाफ की कमी है। डाक विभाग की ओर से स्टाफ की कमी को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। डाकघर से जुड़े किसी भी उपभोक्ता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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-ब्रिजेश कुमार, सब डिविजन इंस्पेक्टर, अंबाला।
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