अंबाला। मंजूरी लिए बिना गृहरक्षी विभाग में कार्यरत ओएएसआई (सेना शाखा प्रमुख) ने करीब 48 गृहरक्षकों का तबादला कर दिया। इस पर एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप सिंह विर्क ने अंबाला के ओएएसआई को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट एसपी अंबाला हामिद अख्तर से 27 जुलाई तक मांगी है।
अंबाला से यमुनानगर तबादले के बाद 23 जुलाई को गृहरक्षक राजेश ने पुलिस लाइन यमुनानगर में आत्महत्या कर ली थी। राजेश जींद का रहने वाला था। जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि ओएएसआई अंबाला ने बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के 48 गृहरक्षकों को तबादला यमुनानगर कर दिया था। यह बात खुद अंबाला के एसपी हामिद अख्तर ने एडीजीपी लॉ एंड आर्डर से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान स्वीकार की। इस बात का जिक्र एडीजीपी की ओर से जारी आदेश पत्र में है।
एडीजीपी ने आदेश में मधुबन स्थित गृहरक्षकों के आईजी को कहा है कि 18 मई 2020 को जिन गृहरक्षकों को अंबाला में तैैनात किया गया था, सभी को 25 जुलाई सुबह 9 बजे तक वापस मधुबन बुला लिया जाए। इतना ही नहीं एडीजीपी ने यमुनानगर के एसपी से गृहरक्षक राजेश आत्महत्या प्रकरण की जांच रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। एसपी हामिद अख्तर के अनुसार आदेशों का पालन करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।