फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब यूक्रेन में होने लगी भारतीय छात्रों से मारपीट, भेदभाव और अभद्रता

विज्ञापन
बुडापेस्ट के एक होटल के बाहर खड़े आर्येन्द्र, हर्षवर्धन,अभिनव बंसल तथा वीरेन नरवाल व अन्य साथी - फोटो : Ambala
विज्ञापन
नारायणगढ़ (अंबाला)। युद्ध के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों के साथ अब मारपीट शुरू हो गई है। उनके साथ अभद्रता भी की जा रही है। ऐसा ही मामला अंबाला के नारायणगढ़ निवासी एक छात्र के साथ पेश आया है, जोकि यूक्रेन में अपने साथियों संग फंसा हुआ है। इन लोगों को यूक्रेनी सेना न केवल ट्रेन में चढ़ने से रोक रही है बल्कि उनके साथ दुर्व्यवहार भी कर रही है। उनकी बजाय यूरोपियन छात्रों को पहले ट्रेनों में जाने की अनुमति दी जा रही है। अपने साथ हो रहे बर्ताव की पीड़ा बच्चों ने अपने परिजनों से साझा की है।
विज्ञापन

यूक्रेन में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों ने फोन पर परिजनों को बताया कि यूक्रेन सेना उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए ट्रेन में नहीं चढ़ने दे रही और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। स्टेशन पर भारतीय छात्रों के साथ मारपीट और अभद्रता हो रही है। इसके अलावा कई भारतीय छात्र-छात्राओं के मोबाइल तक छीन लिए गए हैं।
एडवोकेट लाजपत भारांपुर ने बताया कि उनका पुत्र हर्षवर्धन, उनके संबंधियों के पुत्र आर्येंद्र व वीरेन नरवाल और नारायणगढ़ के ही कृष्ण बंसल का लड़का अभिनव बंसल यूक्रेन से निकलकर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में पहुंच गए हैं। यहां पर वे अन्य छात्रों के साथ ठहरे हुए हैं। लाजपत के अनुसार हर्ष ने उन्हें बताया कि उन्हें जल्द ही भारत आने के लिए जहाज मिल सकता है। उन्होंने संभावना जताई है कि उनका बेटा और रिश्तेदारों के लड़के जल्द भारत आ जाएंगे।
विज्ञापन

इसी प्रकार नारायणगढ़ निवासी प्रवीन वर्मा का पुत्र अभिषेक वर्मा भी यूक्रेन से निकलकर रोमानिया पहुंच गया है। वह शेल्टर होम में अपने अन्य साथियों के साथ रुका हुआ है। अभिषेक वर्मा ने फोन पर बताया कि वे 2 दिनों से रोमानिया के शेल्टर होम में रुके हुए हैं। यहां पर कई एनजीओ उनकी मदद कर रहे हैं। वहीं भारतीय दूतावास का कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया। प्रवीन वर्मा के अनुसार कल नहीं तो परसों उनका पुत्र भी अपने अन्य साथियों के साथ अपने घर वापसी करेगा।
विजय बंसल के बेटे नमन बंसल और सुशील गुप्ता के पुत्र अभय गुप्ता जो कि खारकीव से ट्रेन में बैठकर लवीव पहुंच गए हैं और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। विजय बंसल ने बताया कि यहां से उनका पुत्र व अन्य रोमानिया-पोलैंड या हंगरी तीनों देशों के बार्डर में से किसी एक बार्डर पर पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें