साइंस इंडस्ट्री को भी अब आधुनिक तकनीक से लैस करने का समय आ गया है। इसके लिए अंबाला के साइंस इंडस्ट्रीज से जुड़े कारोबारियों ने कदम बढ़ा दिया है। अब साइंस उपकरणों पर वेल्डिंग करने के बाद भी टांका नहीं दिखेगा। वहीं लेजर कटिंग से बारीकी से काटकर उपकरण तैयार किए जाएंगे। सिर्फ यह नहीं बल्कि रोबोटिक तकनीक का सहारा भी जिले के साइंस कारोबारी लेंगे। उन्होंने पंजाब में करोड़ों रुपये की मशीनें खरीदने के लिए डील फाइनल की है।
साइंस इंडस्ट्री में प्रयोग होने वाले कई भारी मशीनों का ऑर्डर किया
दरअसल, लुधियाना में मैक ऑटो एक्सपो लगा है। इसमें अंबाला साइंटिफिक इन्स्ट्रूमेंट मैन्यूफेक्चर्स एसोसिएशन से प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए थे। वहां उन्होंने साइंस इंडस्ट्री में प्रयोग होने वाले कई भारी मशीनों का आर्डर किया है। इस एक्सपो से इलेक्ट्रॉनिक वेल्डिंग मशीन का आर्डर किया गया है। इन मशीनों से जहाजों में वेल्डिंग करने का काम किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें टांका लगाने पर टांका दिखता नहीं है।
जबकि अभी साइंस इंडस्ट्री में वेल्डिंग के लिए जो मशीनें प्रयोग की जाती हैं उनमें वेल्डिंग का टांका दिखाई देता है। प्रतिनिधिमंडल में असीमा के प्रधान विक्रम चौधरी के निर्देशन में महासचिव गौरव सोनी, सचिव सचिन गोयल, एक्टिविटी कमेटी के सदस्य प्रिंस जैन, वसंत पंचाल ,विशाल धीमान, मानिक रस्तोगी, शुभम गुप्ता, शुभ रस्तोगी राजन एवर्ट, मनजीत सिंह, कार्यालय सचिव सचिन कुमार के साथ अन्य सदस्य शामिल रहे।
नए डायमंड और लेजर कटिंग टूल
उपकरणों के निर्माण में सटीकता लाने के लिए आधुनिक कटिंग टूल की आवश्यकता होती है। इसके तहत डायमंड कटिंग व लेजर कटिंग टूल का आर्डर दिया गया है। इससे उपकरणों को बनाने में सटीकता रहेगी। साथ ही लेजर कटिंग की नई मशीनों को देखा गया है। इसकी मदद से साइंस इंडस्ट्री अपने उपकरणों को और बेहतर बना सकती है। वहीं रोबोटिक मशीनों को लेकर भी कारोबारियों ने रुचि दिखाई है। इन मशीनों के ट्रायल देखे जा चुके हैं। इनमें से कुछ के आर्डर भी दे दिए गए हैं।
मशीनों से यह होगा फायदा
कारोबारियों की मानें तो नई मशीनों से फायदा यह होगा कि साइंस इंडस्ट्री अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है। हालांकि, उनके पास अधिक पुरानी मशीनें नहीं हैं मगर फिर भी समय के हिसाब से अपने उपकरणों को नई तकनीक से नया रूप देने की साइंस इंडस्ट्री को बहुत जरूरत है। इससे वह देश ही नहीं बल्कि विदेशों में प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें।