प्रशिक्षण के दौरान मौजूद किसान व विज्ञानिक।
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साहा। कृषि विज्ञान केंद्र तेपला में सरसों फसल प्रक्षेत्र दिवस पर गांव दुखेड़ी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सरसों की फसल उगाने और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। प्रसार वैज्ञानिक डॉ. रमेश ने भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रही समूह अग्र पंक्ति प्रदर्शन के बारे में किसानों को बताया। पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. विक्रम वीरेंद्र सिंह ने फसलों पर पढ़ रही बीमारियों एवं कीट पतंगों के बारे में किसानों को अवगत कराया।
मुख्य रूप से किसानों को फसल में दवाई डालने के बारे में जानकारी दीं। डॉ. सिंह ने बताया सरसों के पत्ते पर सफेद रंग के छल्ले नुमा दाग बनते ही कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का दो ग्राम पर लीटर के अनुसार फसल पर छिड़काव करें। पंजाब नेशनल बैंक से कृषि अधिकारी संदीप ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में एवं बैंक की तरफ से उपलब्ध कराई जा रही सभी स्कीमों के बारे में जानकारी दी। इस तरह से सहजता से किसान बैंक से लोन प्राप्त कर सकें इसके बारे में पूरी जानकारी दी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत विशु ने मेघदूत एवं दामिनी एप से मौसम के बारे में किस तरह जानकारी प्राप्त होती है इसके बारे में भी जानकारी दी गई। नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने फसल किस्म के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं हाइब्रिड किस्मों की तुलना में अच्छा बताया। उन्होंने बताया कि जिस तरह से बे समय बारिश एवं तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। कार्यक्रम में इफ्को जिला प्रबंधक प्रवीण कुमार जैविक खाद के बारे में एवं नैनो खाद के बारे में प्रकाश डाला। मुख्य रूप से सरसों फसल में सल्फर की उपयोगिता पर जोर दिया। कृषि विज्ञान केंद्र तेपला में कार्यरत काजल ने आज के समय में बाजारों में उपलब्ध मिश्रित खाद्य तेलों के प्रति जागरूक किया एवं घर के सरसों से तैयार तेल के उपयोग पर जागरूक किया।