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कर्मियों की पीड़ा पर गृहमंत्री का आश्वासन

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अंबाला। कोरोना कर्मचारियों की दोबारा ज्वाइनिंग की प्रक्रिया और इनके वेतन के लिए वित्त विभाग द्वारा बजट जारी किए डेढ़ माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक प्रदेश के 1045 कर्मचारियों को ऑफर लेटर नहीं मिले हैं। कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन के शिष्टमंडल को अब हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से उम्मीद है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप सिंधु और महासचिव अमित वशिष्ठ सहित पांच जिलों के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री विज से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई। विज ने मौके पर एनएचएम और कौशल रोजगार निगम के उच्चाधिकारियों से बात कर निर्देश दिए हैं।
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बता दें कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान प्रदेश में लैब टेक्नीशियन, डेटा एंट्री ऑपरेटर, पब्लिक हेल्थ मैनेजर, हेल्थ इंस्पेक्टर, रिसर्च असिस्टेंट, एएनएम, स्टाफ नर्स, क्लास फोर और सफाई कर्मचारी रखे गए थे। 31 मार्च को सभी जिलों के सीएमओ को जारी हुए आदेश के बाद एक अप्रैल से इन कर्मचारियों की हाजिरी लगना बंद हो गई। आदेश में कहा गया था कि आगे के लिए बजट जारी नहीं हुआ है इसलिए एक अप्रैल से कोरोना कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज नहीं होगी।
दरअसल, इससे पहले हर तीन माह बाद कोरोना कर्मचारियों को एक्सटेंशन मिलती थी और बजट जारी होते ही इन्हें वेतन का भुगतान होता था। इसके बाद कुछेक जिलों में एक अप्रैल से सीएमओ ऑफिस के बाहर धरने प्रदर्शन शुरू हो गए थे। चार अप्रैल से प्रदेश में सीएमओ ऑफिस के बाहर धरने 22 अप्रैल तक जारी रहे। रणनीति के तहत कर्मचारी एसोसिएशन ने पूरे राज्य के कोरोना कर्मचारियों को 23 अप्रैल को अंबाला में धरने के लिए बुलाया था। यहां स्वयं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज प्रदर्शनकारियों के बीच आकर बैठ गए थे। विज ने धरने पर आकर कहा था कि कोरोना के दौरान आपने खूब काम किया है। मैं आपकी नौकरी नहीं जाने दूंगा।
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संगठन के महासचिव अमित वशिष्ठ के मुताबिक इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री विज ने 27 अप्रैल को कर्मचारियों की ज्वाइनिंग के आदेश जारी किए थे पर उन्हें एनएचएम की लेटर नहीं मिला। वशिष्ठ ने बताया कि वित्त विभाग ने 27 मई को साढ़े 24 करोड़ का बजट किया था। इसके बाद एक जून को हर जिला सीएमओ को मेल पर यह आदेश जारी किए गए थे कि प्रदेश सरकार की नई पॉलिसी के तहत अब कौशल रोजगार निगम के पोर्टल के माध्यम से ही कोरोना कर्मचारियों को ज्वाइन कराया जाएगा। इसके विपरीत चार जून तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएमओ से पूछने पर बताया गया कि पोर्टल बंद पड़ा है, जब शुरू होगा तो नियुक्ति पत्र जारी हो जाएंगे। इसके बावजूद ऑफर लेटर नहीं मिले। एसोसिएशन के मुताबिक कुछेक जिलों में सीएमओ ने अपने स्तर पर कर्मचारियों को ज्वाइन कराया दिया। उन्हें काम पर लेते समय लिखवा कर लिया गया कि जब तक वे बगैर ऑफर लेटर के सेवाएं देंगे, उस अवधि के दौरान वे वेतन को लेकर दबाव नहीं बनाएंगे।
ठोकरें खा रहे हैं कोरोना योद्धा
पदाधिकारियों ने बताया कि 30 जून को पंचकूला स्थित कौशल रोजगार निगम पहुंचे तो बताया गया कि पोर्टल खुल गया है, थोड़ा इंतजार करो। शाम को ही साढ़े छह बजे कौशल रोजगार निगम के डायरेक्टर ने पॉलिसी जारी कर दी। इसमें लिखा था कि एनएचएम का स्टाफ पोर्टल पर अपडेट नहीं करेंगे। जब एनएचएम के डायरेक्टर से पंचकूला जाकर जानकारी ली तो उन्होंने कौशल रोजगार निगम की पॉलिसी के बारे में अनभिज्ञता जताई। अब तक न तो कौशल रोजगार से जवाब मिला और न ही एनएचएम से कोई आश्वासन।
चंडीगढ़ में दी थी गिरफ्तारी
एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि छह जुलाई को सैकड़ों की संख्या में कोरोना कर्मचारी चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास का घेराव करने पहुंचे थे। इस दौरान 342 कोरोना कर्मचारियों को गिरफ्तार कर पुलिस गाड़ियों में भर कर ले गई थी। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से अंबाला आकर मिलने का समय तय किया था। वीरवार को एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप सिंह एलटी कैथल, रोहतक से अमित वरिष्ठ डेटा एंट्री ऑपरेटर, गुरुग्राम से सोनिया स्टाफ नर्स, जींद से नरेंद्र कुमार एलटी और सोनीपत से शिव कुमार एलटी सहित अन्य सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
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