हरियाणा के अंबाला के नारायणगढ़ के छोटे से गांव मिर्जापुर माजरा निवासी नायब सिंह सैनी अब हरियाणा के 11वें मुख्यमंत्री हैं। इससे नारायणगढ़ ही नहीं, पूरे अंबाला में खुशी का माहौल है। उनके समर्थक नाम की घोषणा होते ही नायब सिंह सैनी के पैतृक घर पर एकत्रित हो गए और आतिशबाजी की।
25 जनवरी 1970 को जन्मे नायब सैनी ने 2010 में एलएलबी मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से की। पिता तेलुराम सैनी भारतीय सेना में नायक के पद से सेवानिवृत्ति के बाद गांव में ही कृषि करने लगे थे। उनके परिवार में 70 वर्षीय मां बंतो देवी, पत्नी सुमन सैनी, बेटा अनिकेत और बेटी वंशिका हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2000 में नायब सिंह सैनी की शादी साधारण तरीके से नारायणगढ़ के सैन माजरा गांव में हुई। उन्हीं प्रेरणा से पत्नी सुमन भी चुनावी मैदान में उतरी थीं और अब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं।
18 वर्षीय बेटा अनिकेत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से लॉ प्रथम वर्ष का छात्र है तो 17 वर्षीय बेटी वंशिका भी चंडीगढ़ से 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है। नायब सिंह सैनी के भाई चंदन सैनी गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। उनके भाई की पत्नी ऊषा गृहिणी हैं। नायब सिंह सैनी राजनीति में आने से पहले नारायणगढ़ में टीबी केवल का काम करते थे।
विज्ञापन
उनके चचेरे भाई रणधीर सैनी बताते हैं कि उनका राजनीति में जाकर लोगों की सेवा करने का शुरू से ही मन था। इसके बाद भाजपा से जुड़कर वह पहले संगठन के लिए कार्य करते रहे, इसके बाद सांसद तक का सफर तय किया।
करोड़पति हैं नायब सिंह सैनी
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में नायब सिंह सैनी की ओर से दिए हलफनामे पर गौर करें तो उनके ऊपर कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं है। नायब सिंह और परिवार के पास कुल 54.85 लाख रुपये की चल संपत्ति तो अचल संपत्ति 3 करोड़ रुपये से अधिक की है। इसमें 2.48 करोड़ रुपये के गांव मिर्जापुर और पंचकूला में घर शामिल हैं।
वहीं 55 लाख रुपये से अधिक कीमत की कृषि भूमि भी उनके पास गांव मिर्जापुर माजरा में है। गाड़ियों में इनके पास इनोवा और एक अन्य गाड़ी है। इसके साथ ही 57.20 लाख रुपये का गृह और कार का लोन भी है। पिछले लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ने के दौरान नायब सिंह ने करीब 53 लाख रुपये से अधिक के खर्चे दिखाए थे।