बराड़ा। गांव अधोया स्थित गुरुद्वारा साहिब के परिसर में मंगलवार को महर्षि मार्कंडेश्वर कॉलेज ऑफ नर्सिंग की दूसरे वर्ष की छात्राओं ने लघु नाटिका के माध्यम से टाइफॉयड रोग के कारण और उपाय बताए। टाइफॉयड रोग पर प्रकाश डालते हुए लघु नाटिका के माध्यम से ग्रामीणों को संदेश दिया कि यह एक गंभीर बीमारी है। यह साल्मोनेला एन्टेरिका सेरोटाइप टाइफी बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया गंदे पानी और खाने के जरिए लोगों के शरीर में प्रवेश करता है। इसके द्वारा यह रोग अन्य लोगों को संक्रमित करता है।
छात्राओं ने बताया कि टाइफॉयड के लिए ऊष्मायन अवधि लगभग 1-2 सप्ताह है और बीमारी लगभग 3-4 सप्ताह तक रहती है। उन्होंने अत: टाइफॉयड रोग होने पर पानी को उबाल कर, छानकर पीने और खाने को साफ सुथरे ढंग से खाने और ढक कर रखने की सलाह दी। शिविर में उपस्थित चिकित्सकों ने टाइफॉयड के लक्षण दिखाई पड़ने पर तुरंत जांच करवाने की सलाह दी। जागरूकता शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का एमएम नर्सिंग कॉलेज के छात्राओं ने ब्लड प्रेशर और शुगर, जुकाम, खांसी व बुखार की जांच की। अभियान में ज्योति सरीन, पूजा जसवाल, इनु व मनप्रीत की टीम सहित बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्राओं का विशेष योगदान रहा।